अमेठीः भगवान परशुराम की जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा
April 19, 2026
अमेठी। रविवार को भगवान परशुराम की जयंती के अवसर पर शहर स्थित गायत्री शक्तिपीठ से ब्राह्मण स्वाभिमान एकता मंच के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। पूरे शहर में “जय भगवान परशुराम” के नारों की गूंज रही। शोभायात्रा का शुभारंभ भगवान परशुराम एवं माता गायत्री की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस अवसर पर 111 वेदपाठी बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार कर सनातन धर्म के उत्थान एवं देश की समृद्धि की कामना की गई।इसके बाद शोभायात्रा गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ होकर अंबेडकर तिराहा, हनुमानगढ़ी मंदिर, गांधी चैक, सगरा तिराहा, राजर्षि तिराहा और रामलीला मैदान होते हुए पुनः शक्तिपीठ पहुंची। यात्रा के दौरान भक्ति गीतों पर श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया और “जय श्रीराम”, “जय भगवान परशुराम”, “भारत माता की जय” जैसे उद्घोष लगाए। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने इसमें भाग लिया।इस अवसर पर ब्राह्मण स्वाभिमान एकता मंच के जिलाध्यक्ष सुरेश ओझा ने कहा कि भगवान परशुराम ने असुरों का संहार कर धरती को पापमुक्त किया था। कवि एवं इतिहासकार अभिजित त्रिपाठी ने बताया कि भगवान परशुराम ने है, वंशी असुरों का वध किया था, न कि किसी जाति विशेष का विनाश। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे भगवान राम ने रावण का वध किया, उसी प्रकार परशुराम ने सहस्रबाहु का संहार कर अधर्म का अंत किया।मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित दिनेश तिवारी ने कहा कि भगवान परशुराम किसी एक जाति के नहीं, बल्कि सर्वसमाज के भगवान हैं, जिन्होंने धरती पर पाप के विनाश हेतु अवतार लिया।रविवार को भगवान परशुराम की जयंती के अवसर पर शहर स्थित गायत्री शक्तिपीठ से ब्राह्मण स्वाभिमान एकता मंच के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। पूरे शहर में “जय भगवान परशुराम” के नारों की गूंज रही। इसके बाद शोभायात्रा गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ होकर अंबेडकर तिराहा, हनुमानगढ़ी मंदिर, गांधी चैक, सगरा तिराहा, राजर्षि तिराहा और रामलीला मैदान होते हुए पुनः शक्तिपीठ पहुंची। यात्रा के दौरान भक्ति गीतों पर श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया और “जय श्रीराम”, “जय भगवान परशुराम”, “भारत माता की जय” जैसे उद्घोष लगाए। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने इसमें भाग लिया।
