संग्रामपुर: वैभव और आत्मीयता प्रदान करना मित्रता का सच्चा अर्थ है- विनीत जी महराज
April 10, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। जिले के विकास खंड संग्रामपुर के भवसिंहपुर निवासी अवधेश बहादुर सिंह चैहान के निज आवास पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के सातवें दिन शुक्रवार को बाबूगंज डेरवा प्रतापगढ़ से आये अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा व्यास आचार्य विनीत जी महाराज ने सुदामा चरित्र व परीक्षित मोह का बहुत ही सुन्दर वर्णन किया। उन्होंने कथा के माध्यम से मित्रता को परिभाषित करते हुए कहा कि निस्वार्थ प्रेम और आत्म समर्पण की पराकाष्ठा को दर्शाने वाली स्थिति ही सच्ची मित्रता है उन्होंने बताया कि सुदामा जी गरीब और दरिद्र ब्राह्मण थे भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी दरिद्रता को समाप्त किया।कथा में बताया कि सुदामा जी का अपनी दरिद्रता मिटाने के लिए कृष्ण के पास गये सुदामा के चावल प्रेमपूवक खाकर भगवान लीलाधारी श्रीकृष्ण ने बिना मांगे ही उनकी दरिद्रता को समाप्त कर दिया। सातवें दिन अंतिम समय में परीक्षित को तक्षक नाग के डसने के बाद सुखदेव जी द्वारा उन्हें मोक्ष की प्राप्ति कराकर कथा का समापन किया कथावाचक ने कथा के माध्यम से बताएं कि श्रीकृष्ण का सुदामा को वैभव और आत्मीयता ही मित्रता है।यही सच्चे मित्र की पहचान है।कथा के अंतिम दिन पूरा आयोजक परिवार पंडाल में आये श्रोताओं का आभार व्यक्त किया व कथा व्यास को नमन करते हुए उनका आशीर्वाद लिया।आयोजक परिवार में अवधेश सिंह चैहान, द्वारिका सिंह चैहान,अजय सिंह चैहान,दीपू सिंह,पवन सिंह, कुलदीप सिंह चैहान,प्रथम सिंह चैहान सहित पूरा परिवार सहित पूरा क्षेत्र साप्ताहिक कथा श्रीमद्भागवत का रसपान किया। शनिवार कल हवन पूजन होगा और रविवार को विशाल भण्डारे का आयोजन होगा।
