Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

पीलीभीत: पूरनपुर मंडी में गेहूं खरीद ठप, किसान नेता का गुस्सा फूटाकृडीएम को दी धमकी, वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप! खरीद व्यवस्था चरमराने से आक्रोशित किसान नेता ने खोया आपा, अभद्र भाषा और मारपीट की धमकी के बाद मुकदमा दर्ज, हुई गिरफ्तारी


पीलीभीत। जनपद में गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर किसानों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। पूरनपुर मंडी में खरीद प्रक्रिया शुरू न होने और व्यवस्थाओं के अभाव ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी बीच एक वायरल ऑडियो ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिला कर रख दिया है, जिसमें एक कथित किसान नेता जिलाधिकारी को न सिर्फ अपशब्द कहता सुनाई दे रहा है, बल्कि उन्हें मंडी में आने पर घेरकर मारपीट करने की धमकी भी देता नजर आ रहा है।

बताया जा रहा है कि यह ऑडियो किसान नेता बलजिंदर सिंह का है, जो प्रदेश सचिव पद पर भी बताए जा रहे हैं। गेहूं खरीद शुरू न होने से नाराज बलजिंदर सिंह ने जिलाधिकारी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की थी। उस समय जिलाधिकारी मीटिंग में व्यस्त थे और उनका सीयूजी नंबर उनके पीए के पास था। फोन उठाने वाले कर्मचारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मीटिंग समाप्त होने के बाद उनकी बात करा दी जाएगी, लेकिन इतना सुनते ही किसान नेता का गुस्सा भड़क गया।

वायरल ऑडियो में साफ सुना जा सकता है कि किसान नेता न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, बल्कि जिलाधिकारी को खुली चेतावनी देते हुए कह रहे हैं कि अगर वह पूरनपुर मंडी में आए तो उन्हें घेर लिया जाएगा और पीटा जाएगा। इस धमकी भरे लहजे ने न केवल प्रशासनिक अमले को सतर्क कर दिया, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

ऑडियो में किसान नेता मंडियों की बदहाल स्थिति का भी जिक्र करते हैं। उनका आरोप है कि गेहूं खरीद को लेकर कोई ठोस तैयारी नहीं की गई है। मंडी में न तो पर्याप्त बरदाना उपलब्ध है और न ही अन्य जरूरी संसाधन। किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन उनकी फसल की तौल नहीं हो रही। इस स्थिति से नाराज किसानों में भारी असंतोष व्याप्त है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और संबंधित विभागों को तत्काल सूचना दी गई। पुलिस ने आरोपी किसान नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की अभद्रता और धमकी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद किसान नेता बलजिंदर सिंह ने अपने तेवर नरम कर लिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर जिलाधिकारी से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वह किसानों की समस्याओं को लेकर मानसिक दबाव में थे और आवेश में आकर उन्होंने अनुचित शब्दों का प्रयोग कर दिया। उन्होंने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी बताते हुए उनकी कार्यशैली की सराहना भी की।

उधर, जिलाधिकारी ने भी मामले को संयम के साथ संभालते हुए किसान नेता से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि पूरनपुर मंडी में जल्द ही गेहूं खरीद की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडी में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।फिलहाल, यह पूरा घटनाक्रम जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। एक ओर जहां किसान अपनी फसल के उचित मूल्य और समय पर खरीद को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह की धमकी और अभद्र भाषा ने प्रशासन और किसानों के बीच संवाद की स्थिति को भी प्रभावित किया है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |