गौरीगंज/अमेठी। जनपद के गौरीगंज मे कल एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने भी सुना वह सन्न रह गया। हादसा ऐसा कि एक मिलनसार युवक दुनिया छोडकर चला गया। हादसा इतना भयावह था कि युवक का शरीर चिथड़ों में तब्दील हो गया, छाती के ऊपर का हिस्सा तो पूरी तरह से गायब हो गया। हाथ-पैर और पेट की चमड़ी और मांस कई जगहों से फटकर अलग हो गए। मुंशीगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार रात करीब 11.30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे युवक को तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। मृतक की पहचान संतोष ओझा के रूप में हुई है, जो गौरीगंज थाना क्षेत्र के मेदन मवई गांव के निवासी थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार संतोष ओझा अपनी बाइक से किसी पारिवारिक मांगलिक कार्यक्रम में जा रहे थे। इसी दौरान तेज गति से आ रहे डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि संतोष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि संतोष ओझा अपने मिलनसार स्वभाव के कारण क्षेत्र में ‘मालिक ओझा’ के नाम से जाने जाते थे। घटना जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर टांडा-बांदा राजमार्ग पर गौरीगंज थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव के पास की है। मुंशीगंज थाना क्षेत्र के मेदन मवई गांव निवासी संतोष ओझा मंगलवार रात अपने एक रिश्तेदार के तिलक समारोह में शामिल होने के लिए अपनी टीवीएस स्पोर्ट्स बाइक से गए थे। कार्यक्रम का आयोजन टांडा-बांदा राजमार्ग पर गौरीगंज थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव में सड़क किनारे ही था। संतोष खाना खाने के बाद अपनी बाइक से घर के लिए रवाना हुए थे। 5 किलोमीटर दूर ही आए थे कि रात 12 बजे एक तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद संतोष बाइक समेत रोड पर गिर पड़े और डंपर के पहियों के नीचे आ गए। डंपर चालक ने ब्रेक मारने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी। संतोष करीब 15 मीटर तक बाइक समेत डंपर के नीचे ही कुचलते चले गए। इसके बाद डंपर तेजी से भाग निकला। चालक की गिरफ्तारी की मांग पुलिस की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। शव की हालत देखकर फूट-फूटकर रोने लगे। पुलिस को शव ले जाने से इनकार कर दिया और हंगामा करने लगे। परिजनों ने मांग की कि आरोपी डंपर चालक की अविलंब गिरफ्तारी की जाए। पुलिस के काफी समझाने पर परिजन शांत हुए। खेती-बाड़ी करते थे संतोष परिजनों ने बताया कि संतोष ओझा खेती-किसानी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। बेटी (24) की शादी हो चुकी है। बेटा आशुतोष ओझा (20) घर पर ही रहता है। संतोष ओझा की मृत्यु पर पूर्व केंद्रीय मंत्री दीदी स्मृति ईरानी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला को पीड़ित परिवार के पास भेजा। जिलाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की और संतोष ओझा के पुत्र आशुतोष (आशु) की फोन पर स्मृति ईरानी से बात कराई। इस दौरान स्मृति ईरानी ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में वह पूरी तरह उनके साथ खड़ी हैं और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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