प्रतापगढ़। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज को दी गई जान से मारने की गंभीर धमकी के मामले में पट्टी कोतवाली की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बता दें कि भारतीय युवा विद्यार्थी संगठन (बी वाई वीएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा सक्षम सिंह ‘योगी’ के नेतृत्व में लगभग दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने आज थाना पट्टी पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराने हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, किन्तु कोतवाल द्वारा न केवल एफआईआर दर्ज करने से इंकार दिया गया। यहां तक कि प्रार्थना पत्र की रिसीविंग देने से भी मना कर दिया गया।
कोतवाल द्वारा यह कहते हुए मामला टाल दिया गया कि “यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, ऊपर से आदेश आएगा तो ही एफआईआर दर्ज होगी।” साथ ही, जीरो एफआईआर दर्ज करने एवं लिखित कारण देने से भी स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया गया। और कहा हम प्रार्थना पत्र को रिसीव ही नहीं करेंगे ।
इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजा सक्षम सिंह ‘योगी’ ने कहा यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि कानून की खुली अवहेलना है। जब एक धर्माचार्य को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी जा रही है, तब पुलिस का यह रवैया अत्यंत चिंताजनक है।सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एफआईआर दर्ज न करना और प्रार्थना पत्र तक न लेना, यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर कानून को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
बी वाई वीएस ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत उपजिलाधिकारी(एसडीएम) पट्टी कार्यालय पहुँच कर करनी चाही लेकिन एसडीएम मौजूद नहीं थे तो स्टेनो को ज्ञापन देकर रिसीविंग ली गई । क्षेत्राधिकारी (सीओ) पट्टी से भी शिकायत की गई।
राजा सक्षम सिंह योगी ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रतापगढ़ से भी शिकायत किए जाने की बात कही और कठोरतम कार्यवाही की माँग करी ।
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र ही एफआईआर दर्ज कर उचित कार्यवाही नहीं की गई, तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
संगठन ने कहा कि शंकराचार्य जी की प्रस्तावित यात्रा को देखते हुए यह मामला केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। ऐसे में प्रशासन की निष्क्रियता कई बड़े प्रश्न खड़े करती है।
राजा सक्षम सिंह योगी
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