पीलीभीत। न्यूरिया क्षेत्र में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। तैयार खड़ी गेहूं की फसल जहां-तहां खेतों में गिरकर बर्बाद हो गई है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। इसी गंभीर स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने गुरुवार को न्यूरिया क्षेत्र का दौरा कर प्रभावित खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सीधे खेतों में पहुंचे और फसल की वास्तविक स्थिति को देखा। कई स्थानों पर गेहूं की फसल पूरी तरह जमीन पर बिछी नजर आई, जिससे किसानों की चिंता साफ झलक रही थी। किसानों ने जिलाधिकारी को बताया कि अचानक हुई बारिश और तेज आंधी ने उनकी तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ सकता है। जिलाधिकारी ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा। उन्होंने मौके पर मौजूद लेखपालों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कर फसल नुकसान का सही-सही आंकलन किया जाए, ताकि किसानों को शासन की योजनाओं के तहत जल्द से जल्द मुआवजा दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार संवेदनशील है और किसानों को किसी भी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ नुकसान का आकलन कर राहत दिलाने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएगा।इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, उप जिलाधिकारी सदर श्रद्धा सिंह, लेखपाल एवं अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।अधिकारियों ने भी किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा और समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।स्थानीय किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों के इस दौरे को राहत भरा कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि उन्हें जल्द ही फसल नुकसान का उचित मुआवजा मिलेगा और उनकी आर्थिक परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी।

