पीलीभीत। जनपद में आगामी मां पूर्णागिरि सीमा दर्शन यात्रा को लेकर माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगता नजर आ रहा है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के नेतृत्व में आयोजित होने वाली इस यात्रा को सफल बनाने के लिए संगठन ने तैयारियों की रफ्तार तेज कर दी है। विभिन्न स्तरों पर बैठकों का दौर जारी है और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपकर सक्रिय किया जा रहा है।
हाल ही में आयोजित एक बैठक में प्रांत संगठन मंत्री राजेश जी और विभाग संगठन मंत्री देवेंद्र जी ने कार्यकर्ताओं को विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा श्रद्धा, संगठन और सामाजिक समरसता का प्रतीक बने, इसके लिए हर स्तर पर बेहतर समन्वय जरूरी है।
कार्यक्रम के अनुसार यह यात्रा 9 मई 2026 को सुबह 9 बजे गांधी स्टेडियम, पीलीभीत से शुरू होगी। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए मझोला पहुंचेगी, जहां श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद जत्था उत्तराखंड की ओर बढ़ेगा और मां पूर्णागिरि धाम में दर्शन करेगा।
यात्रा की खास बात यह है कि वापसी के दौरान श्रद्धालु नेपाल में स्थित प्रसिद्ध सिद्ध बाबा धाम के भी दर्शन करेंगे। इससे यात्रा का दायरा और धार्मिक महत्व दोनों बढ़ जाएंगे।
बैठक में बजरंग दल के जिला संयोजक को निर्देश दिए गए कि वे गांव-गांव और प्रखंड स्तर पर संपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को यात्रा से जोड़ें। वहीं दुर्गा वाहिनी और मातृशक्ति की कार्यकर्ताओं से भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला अध्यक्ष और जिला मंत्री को व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मार्ग में जलपान, विश्राम और अन्य जरूरी सुविधाओं का विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रा को लेकर कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। संगठन के लोग पूरी तन्मयता से तैयारियों में जुटे हुए हैं, ताकि यह धार्मिक यात्रा भव्य और अनुशासित तरीके से संपन्न हो सके।धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह यात्रा सामाजिक एकजुटता और संगठन की मजबूती का भी संदेश देने जा रही है।
