पीलीभीत। न्यूरिया कॉलोनी स्थित शिव मुक्ति मंदिर परिसर में प्रस्तावित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल है। यह दौरा न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि दशकों से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे हजारों परिवारों के लिए ऐतिहासिक क्षण साबित होने जा रहा है।करीब 55 वर्षों से अधिक समय से जमीन के मालिकाना हक (भौमिक अधिकार) की मांग कर रहे पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए विस्थापित बंगाली परिवारों और उपनिवेशन के तहत पूर्वांचल से आए परिवारों का लंबा इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है। मुख्यमंत्री अपने प्रस्तावित दौरे के दौरान जिले के कुल 3764 परिवारों को भूमि का मालिकाना हक प्रदान करेंगे, जिनमें 1466 बंगाली परिवार और 2298 उपनिवेशन वाले परिवार शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 1959 से लेकर 1971 के बांग्लादेश विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में पूर्वी पाकिस्तान के विस्थापित परिवार पीलीभीत पहुंचे थे। इन परिवारों को अमरिया, न्यूरिया, शारदा डैम की तलहटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में बसाया गया था। उसी दौरान उपनिवेशन योजना के अंतर्गत पूर्वांचल के जिलों से भी हजारों परिवार यहां आकर बसे।
सरकार द्वारा इन परिवारों को रहने और खेती के लिए जमीन तो उपलब्ध कराई गई, लेकिन भूमि पर वैधानिक मालिकाना हक नहीं दिया गया, जिससे पीढ़ी दर पीढ़ी ये लोग अस्थायी अधिकारों के सहारे जीवन यापन करते रहे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुछ माह पूर्व मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त आंजनेय सिंह की अध्यक्षता में गठित टीम ने व्यापक सर्वेक्षण कराया। इस सर्वे में जिले में 2100 से अधिक बंगाली परिवार चिन्हित किए गए, जिनमें से अब 1466 पात्र परिवारों को भौमिक अधिकार दिए जाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
इसी प्रकार उपनिवेशन के तहत आए 2298 परिवारों को भी अधिकार दिए जाने के लिए चिन्हित किया गया है, जिससे हजारों लोगों के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का भाव आएगा।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री इसी सप्ताह न्यूरिया पहुंच सकते हैं, हालांकि अभी आधिकारिक कार्यक्रम की तिथि घोषित नहीं हुई है। कार्यक्रम स्थल के रूप में शिव मुक्ति मंदिर परिसर को अंतिम रूप दिया गया है।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव समेत प्रशासनिक अधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रस्तावित हेलीपैड स्थल का भी निरीक्षण किया, जो भरतपुर कॉलोनी रोड के पास बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री के इस दौरे को विकास की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संभावना है कि वे जिले में करीब ₹1000 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इसमें सड़क निर्माण, पुल, आधारभूत ढांचा और अन्य विकास कार्य शामिल हैं।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के अनुसार, सभी विभागों से परियोजनाओं की सूची मांगी गई है, ताकि कार्यक्रम को भव्य और प्रभावी बनाया जा सके।
न्यूरिया, गुप्ता, राजा, महोव, भरतपुर और मुख्तियार कॉलोनी में वर्षों पहले कुल 357 परिवारों को बसाया गया था। इनमें से अधिकांश परिवारों के मूल सदस्य अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी आने वाली पीढ़ियां आज इस ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ जमीन का अधिकार नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और पहचान का अधिकार है, जिसका वे दशकों से इंतजार कर रहे थे।
मुख्यमंत्री का यह दौरा पीलीभीत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने वाला है। जहां एक ओर हजारों परिवारों को स्थायी अधिकार मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर जिले को विकास की नई सौगात भी प्राप्त होगी।अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री के आगमन की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, और क्षेत्र में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
