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लखनऊ: 518 कर्मचारी अनुपस्थितरू जनगणना प्रशिक्षण से गैरहाजिर कर्मियों पर सख्ती, एफआईआर की चेतावनी


लखनऊ। जनगणना कार्य को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश जारी किए हैं कि जनगणना प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले प्रगणक और सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई गंभीर परिणाम ला सकती है।

जनपद में 21 अप्रैल से जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। यह प्रशिक्षण नगर निगम के विभिन्न जोनों में आयोजित किया जा रहा है। जोन-2 में ईदगाह ऐशबाग, जोन-3 में केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-जे अलीगंज, जोन-5 में मानस नगर स्थित इंडिया लिटरेसी बोर्ड तथा जोन-6 में सेंट जोसफ स्कूल व स्पर्श दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं, ताकि कर्मियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

हालांकि, 26 अप्रैल को आयोजित प्रशिक्षण सत्र में बड़ी संख्या में कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। जारी आंकड़ों के अनुसार, जोन-2 में कुल 300 में से 112 कर्मचारी अनुपस्थित रहे। इसी तरह जोन-3 में 450 में से 178, जोन-5 में 135 में से 47 तथा जोन-6 में 581 में से 181 प्रगणक और सुपरवाइजर प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए। इतने बड़े पैमाने पर अनुपस्थिति को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के तहत यदि कोई नियुक्त अधिकारी बिना उचित कारण अपने कर्तव्यों से इनकार करता है या लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। इस अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। साथ ही यह एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें पुलिस सीधे कार्रवाई कर सकती है।

प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित कर्मियों को भी यह स्पष्ट रूप से अवगत करा दिया गया है कि अनुपस्थिति या कार्य से इनकार करने की स्थिति में तत्काल विभागीय कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि समयबद्ध और सटीक जनगणना सुनिश्चित करने के लिए सभी कर्मियों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

आगे की कार्रवाई के तहत सबसे पहले अनुपस्थित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो सेवा नियमों के अंतर्गत निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद यदि कोई कर्मचारी लगातार अनुपस्थित रहता है या ड्यूटी से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ धारा 11 के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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