लखनऊ। अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं नगर आयुक्त गौरव कुमार ने रविवार को शहर के जोन-5 और जोन-2 में संचालित जनगणना प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का गहन जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने जोन-5 स्थित इंडिया लिटरेसी बोर्ड तथा जोन-2 स्थित ईदगाह परिसर में चल रहे प्रशिक्षण सत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर प्रगणकों (एन्यूमरेटर) और सुपरवाइजर्स से संवाद स्थापित किया और उन्हें जनगणना कार्य के महत्व से अवगत कराते हुए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर भविष्य की नीतियों और योजनाओं का निर्माण होता है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने प्रशिक्षण केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। विशेष रूप से उन्होंने भोजन और पेयजल की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि प्रशिक्षण में शामिल कर्मियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण का वातावरण अनुशासित और सुव्यवस्थित होना चाहिए, जिससे प्रतिभागियों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त हो सके।
इसके साथ ही, नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जो प्रगणक और सुपरवाइजर्स लगातार प्रशिक्षण से अनुपस्थित हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में उच्च अधिकारियों को तत्काल पत्राचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इसके साथ ही उन्होंने एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रगणकों और सुपरवाइजर्स के लिए एक अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए। इस ग्रुप के माध्यम से प्रशिक्षण के बाद भी सभी कर्मी मास्टर ट्रेनर्स से जुड़े रह सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी प्रकार की जानकारी या मार्गदर्शन तुरंत प्राप्त कर सकेंगे।
नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और सभी प्रतिभागियों को जनगणना से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं की पूरी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित और जिम्मेदार कर्मी ही जनगणना प्रक्रिया को सफल बना सकते हैं।
