पीलीभीत। डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर नगर पालिका परिषद में कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल की गई। वर्षों से लंबित एरियर भुगतान की प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए 211 कर्मचारियों को कुल 77,36,246 रुपये का एरियर प्रतीकात्मक चेक के माध्यम से वितरित किया गया।यह कार्यक्रम नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जिसमें भाजपा जिला अध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई।वक्ताओं ने बाबा साहब के जीवन और सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार और सम्मान पहुंचाना ही उनका सपना था। इसी सोच के अनुरूप कर्मचारियों को उनका लंबित एरियर दिलाना एक सार्थक कदम है।
पालिका के लिपिकीय विभाग के अनुसार, कई कर्मचारियों का एरियर लगभग 10 वर्षों से लंबित था। कुछ मामलों में आंशिक भुगतान हुआ था, लेकिन अधिकांश कर्मचारी पूर्ण भुगतान से वंचित थे। प्रशासन द्वारा दस्तावेजों की जांच और पात्रता सत्यापन के बाद अब भुगतान प्रक्रिया शुरू की गई है।पालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारियों को उनका हक समय पर मिलना चाहिए। लंबे समय से लंबित भुगतान के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, जिसे ध्यान में रखते हुए अंबेडकर जयंती जैसे प्रेरणादायक दिन पर इस पहल की शुरुआत की गई।उन्होंने बताया कि अवकाश होने के कारण प्रतीकात्मक चेक वितरित किए गए हैं, जबकि वास्तविक राशि अगले कार्यदिवस में कर्मचारियों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी जाएगी। इससे अधिकांश लंबित एरियर का निस्तारण हो जाएगा।कार्यक्रम का संचालन सभासद साकेत सक्सेना और पालिका कर्मी शंकर राही ने किया। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, अधिशासी अधिकारी संजीव कुमार, नगर अध्यक्ष इंद्रेश सिंह चैहान सहित कई सभासद, जनप्रतिनिधि और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कर्मचारियों का तिलक व माल्यार्पण कर सम्मान किया गया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह का माहौल रहा। उपस्थित लोगों ने इस पहल को कर्मचारियों के हित में एक सराहनीय और सकारात्मक कदम बताया।नगर पालिका की यह पहल न केवल कर्मचारियों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम मानी जा रही है, बल्कि यह प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।
