लखनऊ: बीकेटी तहसील समाधान दिवस पर सीडीओ लखनऊ ने सुनी फरियादियों की फरियाद ! लेखपाल पर वरासत के नाम पर 20 हजार रुपए मांगने का आरोप, पीड़ित ने की शिकायत
April 19, 2026
लखनऊ। लखनऊ जिले की बख्शी का तालाब तहसील संपूर्ण समाधान दिवस सीडीओ लखनऊ की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। माह के तीसरे शनिवार को आयोजित तहसील दिवस की अध्यक्षता सी.डी.ओ लखनऊ अजय जैन ने की। संपूर्ण समाधान दिवस में गहमा-गहमी का माहौल तब देखने को मिला जब वार्ड संख्या एक नपं इटौंजा निवासी मनीष ने महिला लेखपाल पर बीस हजार रुपए रिश्वत न देने की वजह से वरासत निरस्त करने का आरोप लगाया। प्रार्थना पत्र के अनुसार नपं इटौंजा निवासी मनीष के ताऊ की मृत्यु हो गई थी। मनीष ने समस्त दस्तावेजों के साथ लेखपाल को सौंपते हुए वरासत दर्ज करने की अपील की, इसके एवज में आयशा बानो नामक लेखपाल ने बीस हजार रुपए की मांग की। मांग पूरी करने में असमर्थता जताने से नाराज लेखपाल ने वरासत निरस्त कर दी। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को निर्देश देते हुए यथोचित कार्यवाही करने को कहा। गोहना कलां प्रधान रीतू सिंह की कहानी सुने तो महिला प्रधान तमाम बार तहसील के अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र सौंप चुकी है कि सरकारी जमीनों का चिन्हांकन कर जमीन ग्राम पंचायत के सुपुर्द की जाए जिससे ग्रामीणों की सुविधानुसार खेल मैदान, कब्रिस्तान, गौशाला, बारातघर का निर्माण हो सके लेकिन तमाम बार दौड़ लगाने के बावजूद राजस्व विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। इसी ग्राम पंचायत में नहर की जमीन पर प्रापर्टी डीलरों ने अवैध अतिक्रमण कर रखा है। एक बार टीम नाप करने गई लेकिन बंद कमरे में दोषियों से बातचीत कर वापस लौट गई। नैमिष नगर योजना में असमान मुआवजा वितरण से नाराज किसानों ने तहसील के गेट पर प्रदर्शन व नारेबाजी की। एसडीओ सभागार से निकलकर गेट पर पहुंचे व किसानों से ज्ञापन लेते हुए अधिकारियों से असरदार वार्ता करने का आश्वासन दिया। आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित किसानों ने मुख्यमंत्री आवास कूच करने का हल्ला बोला था तब भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच एसडीएम एलडीए संगीता राघव ने किसानों का ज्ञापन लिया था लेकिन अभी तक धरातल पर कोई सकारात्मक प्रगति देखने को नहीं मिली। लैंड पूलिंग नियम यहां आश्वासन देने के बावजूद भी लागू न किए जाने से किसानों में बेहद असंतोष देखने को मिल रहा है। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 116 शिकायतें देखने को मिली लेकिन डीएम की मौजूदगी के बाद भी मात्र 23 शिकायतों का मौके पर निस्तारण हो सका।
