आगरा। देश के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल जनगणना 2027 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत प्रत्येक 10 वर्ष में होने वाली यह प्रक्रिया इस बार कोविड-19 महामारी के कारण 2021 में नहीं हो सकी थी। अब आगामी जनगणना का कार्य मई से प्रारम्भ होकर फरवरी तक सम्पन्न किया जाएगा।
भारत में पहली जनगणना वर्ष 1872 में हुई थी और यह प्रक्रिया निरंतर 2011 तक जारी रही। इस बार जनगणना को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल मोड में कराई जाएगी।
जनपद आगरा में 15 अप्रैल 2022 से जनगणना से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। आर.बी. डिग्री कॉलेज, कालिंदी विहार (100 फुटा रोड) पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में नियुक्त फील्ड ट्रेनर शिक्षकों को जनगणना कार्य की बारीकियों, भ्स्व् ऐप के उपयोग तथा 34 महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर दर्ज करने की प्रक्रिया समझा रहे हैं। साथ ही फील्ड वर्क और अभिनय के माध्यम से व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जा रहा है।
इस बार नागरिकों को स्वयं गणना (सेल्फ ऐनुमैरेशन ) की सुविधा भी दी गई है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को 12 अंकों की एक यूनिक आईडी दी जाएगी। स्वगणना का कार्य 7 मई से 21 मई तक निर्धारित किया गया है।
जनगणना कार्य दो चरणों में सम्पन्न होगा
पहला चरण (मकान सूचीकरण)रू 22 मई से 20 जून तक
दूसरा चरण (जनसंख्या गणना)रू 9 फरवरी से 28 फरवरी तक
प्रशासन ने इसे अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य बताते हुए सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की है। जनगणना के आधार पर ही सरकारी योजनाओं का निर्माण, संसाधनों का वितरण और नीतियों का निर्धारण किया जाता है।
इसलिए आमजन से अनुरोध किया गया है कि जनगणना कर्मियों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं और इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
