पीलीभीत। जनपद के थाना बिलसंडा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चरखौला में दबंगों का आतंक एक बार फिर सामने आया है, जहां एक महिला के घर पर सुनियोजित तरीके से हमला कर मारपीट, तोड़फोड़ और अश्लील हरकतों का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता ने पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम चरखौला निवासी मीना देवी पत्नी हरीशंकर ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि वह गांव में अपने परिवार के साथ रहकर गुजर-बसर कर रही हैं। बीते 13 अप्रैल की रात करीब 7रू30 बजे गांव के ही कुछ दबंग किस्म के लोग, जिनमें तिलकराम, रामसरन, रामअवतार सहित लगभग 15 लोग शामिल थे, लाठी-डंडों और तमंचों से लैस होकर उनके घर पर अचानक हमला बोल दिया।पीड़िता का आरोप है कि उक्त दबंगों ने घर में घुसते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर बेरहमी से मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने घर में रखा कीमती सामान भी तोड़फोड़ कर नष्ट कर दिया। इस दौरान महिलाओं और बच्चों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे पूरे परिवार में दहशत का माहौल बन गया।घटना यहीं नहीं रुकी, बल्कि पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने शराब के नशे में धुत होकर अश्लील हरकतें कीं और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की। यहां तक कि पीड़िता को अपमानित करने के उद्देश्य से उसे जबरन पकड़कर अशोभनीय कृत्य करने की कोशिश की गई। परिवार के बच्चों को भी नहीं बख्शा गया और उन्हें डराकर चुप रहने की धमकी दी गई।पीड़िता के अनुसार, घटना के दौरान उन्होंने किसी तरह 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, आरोप है कि पुलिस के सामने ही दबंग खुलेआम धमकी देते रहे कि “जो करना है कर लो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” पीड़िता का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद आरोपियों के हौसले कम नहीं हुए और वे लगातार धमकियां देते रहे।घटना के बाद से पीड़िता और उसका परिवार दहशत में है। उनका आरोप है कि दबंग लगातार उनके घर पर कब्जा करने और गांव से भगाने की कोशिश कर रहे हैं। परिवार के सदस्य भय के कारण सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे हैं और हर समय किसी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।मीना देवी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें और उनके परिवार को न्याय मिल सके। साथ ही उन्होंने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे मामलों में दबंगों के हौसले और बुलंद हो सकते हैं। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।
