उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में सहकारी समितियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। कृषि ऋण वितरण में लगभग 20 प्रतिशत, उर्वरक वितरण में करीब 35 प्रतिशत और दुग्ध उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत योगदान सहकारी समितियों का है। ये समितियां किसानों को खाद, बीज, उर्वरक और ऋण उपलब्ध कराने के साथ-साथ अब जन औषधि केंद्र, पेट्रोल पंप और एलपीजी वितरण जैसे कार्यों से भी जुड़ रही हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्रीय विधायक विवेक वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। समितियों के कम्प्यूटरीकरण से कार्य प्रणाली पारदर्शी और डिजिटल होगी, जिससे किसानों को समय पर सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को “कृषि कल्याण वर्ष” के रूप में मना रही है, ऐसे में किसानों के हित में सहकारी संस्थाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। इस अवसर पर विधायक द्वारा समिति के नवीन भवन का शुभारंभ किया गया और किसानों को खाद का वितरण भी कराया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख अशोक शर्मा, समिति के नामित सभापति प्रेम सागर पटेल, सचिव मुन्नालाल, मुख्य परिवर्तक लाल बहादुर, जिला सहकारी बैंक के उप महाप्रबंधक विजय सिंह, शाखा प्रबंधक शशि मंगल द्विवेदी सहित कई अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
बीसलपुरः सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ रू डीडीएम नाबार्ड! गुलेदा गोटिया में सहकारी समिति परिसर में आयोजित गोष्ठी में किसानों को दी योजनाओं की जानकारी
March 14, 2026
