प्रतापगढ़/बाबागंज। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और पशुपालकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से बाबागंज ब्लॉक में पशुपालन विभाग द्वारा एक दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी राजेंद्र नाथ पांडेय ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से पशुपालकों को नई तकनीकों से जोड़कर पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने पर जोर दिया।
शिविर का संचालन कर रहे पशु चिकित्साधिकारी बाबागंज डॉ. विनय कुमार द्विवेदी ने पशुपालकों को संतुलित आहार, चारे के प्रबंधन और पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से खुरपका-मुँहपका (थ्डक्) जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके साथ ही दुधारू पशुओं की देखभाल, डेयरी प्रबंधन के आधुनिक तरीके और उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। शिविर में ‘भारत पशुधन ऐप’ के उपयोग के बारे में भी प्रशिक्षण दिया गया, जिससे पशुपालक टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान से जुड़ी जानकारी आसानी से दर्ज कर सकें।
शिविर में स्थानीय पशुपालकों के अलावा पैरावेट (पशु-चिकित्सा कार्यकर्ता) और वैक्सीनेटरों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धतियों और उचित पोषण के जरिए पशुधन की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं और सब्सिडी की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम में अंकित सिंह, रमेश पांडेय, हरि प्रकाश शुक्ला, अयोध्या प्रसाद, अमन पटेल, मोनू यादव, सुशील सरोज सहित बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित रहे।
यह शिविर पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हो रहा है।
