बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार के “नव निर्माण के नौ वर्ष” पूर्ण होने के अवसर पर गंगा बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों (ैभ्ळ) के जरिए ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की उल्लेखनीय उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। आजीविका मिशन के तहत महिलाओं की आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और बढ़ते सामाजिक सम्मान की प्रेरक कहानियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं।
मंगलवार को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा जिला अध्यक्ष द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन ने ग्रामीण महिलाओं में आत्मनिर्भरता की नई चेतना जगाई है। महिलाएं अब न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं, बल्कि समाज में अपनी सशक्त पहचान भी बना रही हैं। उन्होंने “डबल इंजन सरकार” की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।
इस अवसर पर उपायुक्त (स्वतः रोजगार) ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (क्।ल्-छत्स्ड) के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय समावेशन, बैंक लिंकेज, उद्यमिता विकास तथा सामुदायिक संस्थाओं के सशक्तिकरण के माध्यम से बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। साथ ही उन्हें विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण, प्रशिक्षण और विपणन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने विभागीय योजनाओंकृजैसे छात्रवृत्ति, स्वरोजगार योजनाएं एवं अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमोंकृकी जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को इनका अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, आय के नए स्रोत विकसित हुए हैं और सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है। दुग्ध उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण एवं लघु उद्यमों से जुड़ी महिलाओं के कार्यों की सराहना की गई।
कार्यक्रम का संचालन जिला मिशन प्रबंधक अभिषेक आनंद ने किया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और मिशन की आगामी योजनाओं की जानकारी भी दी।
इस अवसर पर जनपद स्तरीय अधिकारी, बैंक सखी, समूह सखी, एफएनएचडब्ल्यू सीआरपी, एफएलसीआरपी, सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (ब्त्च्), स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं एवं अन्य संबंधित हितधारक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा सामूहिक सहभागिता से ग्रामीण विकास को नई दिशा देने का संकल्प लिया गया।
