पीलीभीत। मंगलवार को जीआरपी थाना की सतर्कता और संवेदनशीलता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया, जब प्लेटफॉर्म नंबर-01 पर ड्यूटी के दौरान एक मासूम बच्ची अपने परिजनों से बिछड़ी हुई रोती-बिलखती अवस्था में मिली। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी धीरेन्द्र कुमार की नजर जैसे ही बच्ची पर पड़ी, उन्होंने तुरंत उसे संभाला और उससे बातचीत कर उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
पूछताछ में बच्ची ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ चम्पक मेले से लौट रही थी, लेकिन भीड़-भाड़ के कारण वह उनसे बिछड़ गई। बच्ची की स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मी ने बिना समय गंवाए उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और महिला कांस्टेबल शिवानी राणा के साथ थाना जीआरपी ले जाया गया, जहां उसे पूरी सुरक्षा और देखभाल उपलब्ध कराई गई।
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची के परिजनों की तलाश शुरू की। आसपास के क्षेत्रों और संबंधित स्थानों पर सूचना प्रसारित की गई। कुछ ही समय में बच्ची के परिजन थाने पहुंचे, जहां उन्होंने बच्ची की पहचान की। बच्ची ने भी अपने माता-पिता को पहचानकर उनसे लिपट गई, जिससे वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
परिजनों ने बताया कि मेले की भारी भीड़ के चलते बच्ची उनसे अलग हो गई थी, जिसके बाद वे काफी परेशान होकर उसे खोज रहे थे। उन्होंने जीआरपी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।
इस दौरान थाना जीआरपी पीलीभीत के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पूरी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। जीआरपी पुलिस की इस सराहनीय कार्यशैली की स्थानीय लोगों और यात्रियों ने जमकर प्रशंसा की। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में तत्पर है, बल्कि आमजन की सुरक्षा और मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहती है।
