पीलीभीत: देवीपुरा गौशाला को रिसर्च सेंटर बनाने की पहल ,तालाब में होगा मत्स्य पालन ! जिलाधिकारी का गौशाला पर औचक निरीक्षण सभी गौशालाओं में अपनाया जाएगा मोरिंगा माडल
March 31, 2026
पीलीभीत। जनपद में निराश्रित गौवंशों के संरक्षण एवं बेहतर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने मंगलवार को देवीपुरा स्थित गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला में रह रहे गौवंशों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का गहनता से जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने गौशाला में भूसे की उपलब्धता, हरे चारे की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई तथा पशुओं के रखरखाव की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में गौवंशों को भोजन और पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने अवगत कराया कि गौशाला में तैनात पशु चिकित्सक नियमित रूप से गौवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी देखभाल कर रहे हैं।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में निर्माणाधीन नाले के कार्य को भी देखा और उसकी गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने और समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने गौशाला के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कहा कि परिसर में स्थित तालाब को विकसित कर उसमें मत्स्य पालन कराया जाएगा, जिससे गौशाला की आय बढ़ेगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने ष्मोरिंगा मॉडलष् को अपनाने की घोषणा करते हुए बताया कि जनपद की सभी गौशालाओं में मोरिंगा (सहजन) के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे पशुओं को पौष्टिक चारा उपलब्ध हो सकेगा।उन्होंने आगे कहा कि देवीपुरा गौशाला को एक “रिसर्च सेंटर” के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां किसान, छात्र-छात्राएं आकर आधुनिक पशुपालन तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और उन्हें व्यवहार में भी ला सकेंगे। इस पहल से न केवल पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि युवाओं को भी नई दिशा मिलेगी।जिलाधिकारी ने गौशाला की साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छता से ही पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर बना रह सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।इस अवसर पर गौशाला से जुड़े फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को गौ माता की प्रतिमा भेंट कर उनका स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, पशु चिकित्सक, ग्राम प्रधान एवं फाउंडेशन के पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
