पीलीभीत। नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित मेले में जहां एक ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी, वहीं दूसरी ओर एक परिवार के लिए यह मेला चिंता और घबराहट का कारण बन गया। यशवंतरी देवी मंदिर परिसर में लगे मेले के दौरान दो वर्षीय मासूम बालक अचानक भीड़ में अपने परिजनों से बिछड़ गया, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया।
बरेली जनपद के सुभाष नगर थाना क्षेत्र निवासी लक्ष्मी अपने पति प्रदीप कुमार और करीब दो वर्षीय पुत्र आलोक कुमार के साथ मेला देखने आई थीं। इसी दौरान अचानक भीड़-भाड़ में उनका पुत्र उनसे अलग हो गया। काफी देर तक तलाश करने के बाद भी जब बालक का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही महिला थाना पुलिस हरकत में आ गई। प्रभारी निरीक्षक के निर्देशन में तुरंत तीन टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने मेले के अंदर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया। साथ ही माइक के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट कर बालक के बारे में जानकारी प्रसारित की गई। महिला सुरक्षा केंद्र की टीम ने भी सूझबूझ और समन्वय के साथ हर संभावित स्थान पर खोजबीन की।लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सफलता मिली और बालक आलोक कुमार को सकुशल बरामद कर लिया गया। इसके बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे और उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।इस सराहनीय कार्य में महिला थाना प्रभारी निरीक्षक रीता कुमारी, मेला प्रभारी नितिन कुमार, महिला कांस्टेबल कनक, शशीबाला और महिला कांस्टेबल प्रीति शर्मा की अहम भूमिका रही। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की।यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ समाज की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभा रही है।
