प्रतापगढ़। जनपद में संत गाडगे जागरूकता मंच के बैनर तले मीराभवन स्थित एक मैरिज हाल मे संत गाडगे महाराज जी की 150वीं जयंती को भव्य समारोह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मा न्यायमूर्ति डॉ गौतम चैधरी, डॉ. सुरेन्द्र चैधरी, मा.सदस्य विधान परिषद उ.प्र. इस कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि सहित और बोलता प्रसाद आदि ने विशिष्ट अतिथि के रूप मे इस भव्य कार्यक्रम मैं अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान किया । रोशनलाल उमरवैश्य, प्रमुख उद्यमी राजेश चैधरी, समन्वय संरक्षिका बहन लीलावती, डॉ. दयाराम मौर्य ष्रत्नष्, हेमंत कुमार टुन्नू इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष आदि ने गौरवमयी उपस्थिति प्रदान कर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की।
नेहा कनौजिया और महिला टीम द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। स्वागत भाषण सूरज कनौजिया और कार्यक्रम की रुपरेखा कोषाध्यक्ष दिनेश चैधरी ने प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय इलाहाबाद डॉ.गौतम चैधरी जी ने कहा कि संत गाडगे जी का संपूर्ण जीवन शिक्षा,स्वच्छता व मानव की सेवा में लगाया उन्होंने मानवता की सेवा को ईश्वर पूजा के बराबर माना इसके साथ ही वे शिक्षा पर बल देते हुए वह लोगों से कहा करते थे कि एक रोटी कम खाओ, फटे पुराने कपड़े पहनो लेकिन अपने बच्चों को अवश्य पढ़ाओ।
इस अवसर पर कार्यक्रम अति विशिष्ट अतिथि एमएलसी मा. सुरेन्द्र चैधरी ने कहा कि गाडगे जी के वैचारिक और सामाजिक आंदोलन आज भी प्रासंगिक है। हमे उनके द्वारा बताये गए मार्ग का अनुसरण कर समाज को सही दिशा मे गति प्रदान करनी चाहिए। नगर पालिका बेल्हा अध्यक्ष प्रतिनिधि विशाल सिंह ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमो से समाज को जोड़ने मे बहुत मदद मिलती है। जनपद जनपद में एक पार्क बाबा संत गाडगे के नाम से बनाया जाएगा।लोकवाणी, प्रयागराज के अध्यक्ष बोलता प्रसाद ने बताया कि गाडगे जी महाराज बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर के समकालीन थे और दोनों ने मिलकर आडम्बर, पाखंड, छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ संघर्ष किया।
एससी एसटी आयोग के अध्यक्ष माननीय बैजनाथ रावत ने कहा कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश मे गाडगे जी के इतने अनुयायी हुए और उनके बताये गए मार्ग पर चलने लगे कि बहुत से लोगों ने और वहां की सरकारों ने गाडगे जी के नाम से विद्यालय, कॉलेज, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के साथ साथ वृद्धाश्रम और अनाथालय खोलना शुरू कर दिए। मंच के मुख्य मार्गदर्शक राकेश कनौजिया ने बताया कि गाडगे जी बचपन से ही तर्कशील व्यक्ति थे। साधु बनने से पूर्व वह एक अच्छे किसान हुआ करते थे। उनके नाम से महाराष्ट्र मे अमरावती विश्वविद्यालय संचालित है। अध्यक्षता कर रहीं सीमा कनौजिया ने लोगों से कहा कि अब हमे समाज को अच्छी राह दिखाने के लिए गाडगे जी के आंदोलन, संघर्ष का अनुसरण करना चाहिए।
मंच का संचालन कार्यक्रम के मुख्य संयोजक व अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार विमल ने किया प्रदेश के कई जनपदों की विशिष्ट हस्तियाँ, शिक्षाविद, प्रशासनिक अफसर इस कार्यक्रम मे सम्मिलित होकर गाडगे जी के आध्यात्मिक, शैक्षिक पहलुओं पर अपने अपने विचार रखे। कार्यक्रम मे भूतपूर्व सैनिकों, वरिष्ठ समाज सेवियों, जन प्रतिनिधियों, स्कूलध् कोचिंग संचालकों को विशेष सम्मान से अलंकृत कर सामाजिक उन्नति हेतु प्रेरित किया गया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं व युवा वर्गों ने प्रतिभाग किया । सभी अतिथियों के प्रति आभार भारत राम व दिनेश चैधरी द्वारा संयुक्त रूप से व्यक्त किया गया।
संगीता, नेहा कनौजिया सुषमा कनौजिया आरती, अरवी, दूधनाथ सरोज, अखिलेश गौतम, दिनेश सरोज, संतोष चैधरी ने कविता और गीत के माध्यम से कार्यक्रम को जोड़े रखा।
इस अवसर पर शोभा कनौजिया, राम प्यारी, सुनीता, शशि, रन्नों, ममता, श्वेता, गीता, पिंकी, सुषमा, एकता,आनंद मोहन ओझा,विजय शंकर, अविनाश, रवि सोनकर ,मोहित, सन्दीप, रोहित, भूपेन्द्र गुलशन,प्रभात, आचार्य उमेश, आचार्य दिनेश, वेद प्रकाश, सी पी राव, अर्जुन, विनोद सभासद,राज किशोर विमल,डॉ राधेश्याम,राम आसरे, धर्मेन्द्र निर्मल, सुनील, संदीप रजक, लाल साहब, राजकुमार, विनोद विमल, दयानन्द फौजी, प्रदीप विमल, प्रताप, अखिलेश, महेन्द्र, ओम प्रकाश, धर्मेन्द्र, अवधेश, संजय, अनिल, प्रदीप चैधरी, आदि लोग उपस्थित रहे।
