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राज्यसभा चुनावःबीजेडी ने ओडिशा के जाने-माने यूरोलॉजिस्ट को बनाया उम्मीदवार


बीजू जनता दल यानी बीजेडी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने इस बार स्वास्थ्य और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े दो अनुभवी चेहरों डॉ. दत्तेश्वर होता और डॉ संत्रुप्त मिश्रा को मैदान में उतारकर साफ संदेश दिया है कि वह विशेषज्ञता और अनुभव को संसद में प्राथमिकता देना चाहती है।

डॉ संत्रुप्त मिश्रा एक अनुभवी वैश्विक कारोबारी नेता रहे हैं। करीब चार दशकों तक कॉरपोरेट जगत में काम करने के बाद उन्होंने हाल ही में राजनीति में कदम रखा। वे आदित्य बिरला ग्रुप में ग्रुप डायरेक्टर (ह्यूमन रिसोर्सेज) के पद पर रहे। इसके अलावा वे बिरला कार्बन के सीईओ और समूह के केमिकल्स बिजनेस के डायरेक्टर जैसे अहम पदों पर भी कार्यरत रहे। शैक्षणिक दृष्टि से भी वे बेहद सशक्त पृष्ठभूमि रखते हैं। उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में और एस्टन बिजनेस स्कूल से इंडस्ट्रियल रिलेशंस में पीएचडी की डिग्री हासिल की है।

संत्रुप्त मिश्रा ने साल 2024 की शुरुआत में बीजेडी जॉइन की थी और उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया। वे 2024 के आम चुनाव में कटक लोकसभा सीट से बीजेडी उम्मीदवार के तौर पर भी चुनाव लड़ चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय संस्थानों में भी योगदान दिया है। वे एनआईटी राउरकेला के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन रहे हैं और ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन यानी ओएनजीसी के बोर्ड में डायरेक्टर के रूप में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं।

डॉ. दत्तेश्वर होता ओडिशा के जाने माने चिकित्सा विशेषज्ञ हैं। विशेष रूप से यूरोलॉजी के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में कई सालों तक सेवा दी है और चिकित्सा शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वे ओडिशा सरकार में डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग यानी डीएमइटी के पद पर रह चुके हैं, जहां उन्होंने राज्य के मेडिकल पाठ्यक्रम और संस्थागत विकास की निगरानी की। इसके अलावा वे कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डीन और प्रिंसिपल भी रहे हैं, जो पूर्वी भारत के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में गिना जाता है। उनकी उम्मीदवारी को राज्य के पेशेवर और अकादमिक समुदाय के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

बीजेडी की इस घोषणा से यह स्पष्ट है कि पार्टी पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़कर अलग अलग क्षेत्रों के अनुभवी लोगों को राज्यसभा में भेजना चाहती है। स्वास्थ्य और उद्योग दोनों क्षेत्रों से जुड़े इन नामों के जरिए पार्टी ओडिशा की आवाज को राष्ट्रीय नीति निर्माण में और प्रभावी बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि पेशेवर अनुभव और राजनीतिक जिम्मेदारी का संतुलन संसद में राज्य के हितों को मजबूत ढंग से उठाने में सहायक होगा।

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