अमेठीः भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति, बुद्धिजीवियों ने दिया ज्ञापन
March 16, 2026
अमेठी। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। अमित तहसील क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की पहली पाली में अवसर के अनुसार बदल जाने जैसे अर्थ के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। इस दौरान उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया। इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने मांग की कि इस प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।वहीं राजीव शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के प्रश्न परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। इस मौके पर राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी,समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
