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तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता का घर किया गया सील


तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत नेता जे जयललिता के एक घर को म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने सील कर दिया है। ये कार्रवाई घर का 1.5 करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स नहीं चुकाने की वजह से हुई है।

हैदराबाद (TG) ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) ने मंगलवार को श्रीनगर कॉलोनी में एक घर को सील कर दिया। यह घर तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जे. जयललिता का था और इसे बकाया प्रॉपर्टी टैक्स के चलते सील किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रॉपर्टी पर करीब 1.5 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। बताया जा रहा है कि यह बकाया कई सालों से पेंडिंग है।

GHMC अधिकारियों के अनुसार, जयललिता के कानूनी वारिसों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें उनसे टैक्स की रकम चुकाने को कहा गया था। हालांकि, उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। डेडलाइन खत्म होने के बाद, GHMC के अधिकारी प्रॉपर्टी पर पहुंचे और उसे सील कर दिया।

GHMC कमिश्नर आर.वी. कर्णन ने बताया कि नगर निगम ने 31 मार्च से पहले सभी बड़े प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टर्स के खिलाफ एक मुहिम शुरू की थी।

उन्होंने कहा, "हमने सभी प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टर्स को नोटिस जारी कर 31 मार्च से पहले अपना बकाया चुकाने को कहा है। इसी प्रक्रिया के तहत, जे. जयललिता के कानूनी वारिसों के नाम पर रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी को भी नोटिस जारी किया गया था। इस पर 1.5 करोड़ रुपये का बकाया है। हमने GHMC के दायरे में आने वाले सभी प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टर्स के खिलाफ कार्रवाई की है।"

अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर कॉलोनी वाली यह प्रॉपर्टी 2017 से ही डिफॉल्ट की श्रेणी में है। इस साल फरवरी में फिर से नए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन बकाया रकम नहीं चुकाई गई।

सूत्रों के अनुसार, यह घर पहले बिजनेसमैन विजय माल्या को लीज़ पर दिया गया था। अधिकारियों का मानना ​​है कि टैक्स का बकाया उसी दौरान से जमा होना शुरू हुआ था।

यह कार्रवाई GHMC द्वारा पूरे हैदराबाद में चलाई जा रही एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि हाल के हफ्तों में प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने के कारण 100 से ज़्यादा बड़ी रिहायशी और कमर्शियल प्रॉपर्टीज़ को सील किया गया है।

इनमें होटल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, ऑफिस की इमारतें और शिक्षण संस्थान शामिल हैं, जिन पर करोड़ों रुपये का बकाया है। कई मामलों में, प्रॉपर्टी सील होने के तुरंत बाद ही मालिकों ने बकाया रकम चुका दी।

अधिकारियों ने बताया कि GHMC की सीमा के भीतर प्रॉपर्टी टैक्स का बकाया 1,400 करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गया है और यह करीब 3.5 लाख प्रॉपर्टीज़ पर फैला हुआ है। GHMC और हैदराबाद के आसपास के अन्य नगर निकायों को मिलाकर, कुल बकाया रकम 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है।

GHMC एक 'वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम' भी पेश कर रहा है। इसके तहत, अगर मालिक तय समय-सीमा से पहले पूरा टैक्स चुका देते हैं, तो उन्हें ब्याज की रकम पर छूट मिल सकती है। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक कि सभी बड़े बकाया का भुगतान नहीं हो जाता।

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