कन्नौजः भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम लेकर आती है ईद
March 19, 2026
कन्नौज। रोजों के बाद अब ईद आने वाली है। रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीने के गुजरने के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद मनाई जाती है, ईद के दिन नमाज से पहले घर में खजूर या कोई भी मीठी चीज खाते हैं क्योंकि ये भी सुन्नत (पैगंबर साहब के काम का अनुसरण करना है) टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया कन्नौज के जिला अध्यक्ष हाजी मोहम्मद आफताब इदरीसी ने ईद के महत्व को बताते हुए कहा की हर एक रोजेदार के लिए जरूरी है कि अल्लाह की इस तौफीक को पाने के लिए वह जरूरतमंदों को फितरा दे इसीलिए ईद को ईद उल फित्र के नाम से भी जाना जाता है। वैसे जकात (दान) सदका (पवित्र कमाई को न्योछावर )और खैरात (भिक्षा मुफ्त में अन्न वस्त्र बांटना) दें। इसके अलावा आचरण संयमित और पवित्र रखें। नेक बात को सब तस्लीम करें और जाने व माने। एक बात पवित्र कुरान में बार-बार कही गई है वह है दान दक्षिणा और सबाब यानी (पुण्य) के कार्य। इसी तरह से पवित्र कुरान में सुलह करने वालों और शांति की राह पर चलने वालों की बेहद प्रशंसा की गई है।
