बलिया। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने शुक्रवार को जनपद के विभिन्न विकास खंडों बेरुआरबारी, मनियर, नवानगर और नगरा का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर लापरवाही, अव्यवस्था और संसाधनों के दुरुपयोग के मामले सामने आए, जिस पर सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल सुधार और कार्रवाई के निर्देश दिए।
बेरुआरबारी ब्लॉक में अधिकारियों की अनुपस्थिति और कार्यालय प्रबंधन में भारी लापरवाही सामने आई। एडीओ (समाज कल्याण) राज रतन शुक्ला के खिलाफ स्पष्टीकरण तलब किया गया, वहीं अन्य अनुपस्थित कर्मियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कार्यालय में फाइलों के अव्यवस्थित रख-रखाव, नेम प्लेट की कमी और संसाधनों की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई गई। सीडीओ ने इंटरनेट व सीसीटीवी तार दुरुस्त करने, त्व् सर्विस, मच्छर जाली लगाने और बंद पड़ी परिसंपत्तियों के उपयोग के निर्देश दिए। महिला शौचालय बंद मिलने पर उसे तत्काल चालू कराने को कहा गया।
मनियर ब्लॉक में पहुंच मार्ग की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने 16 फीट चैड़ी सीधी सड़क निर्माण का निर्देश दिया।
साथ ही, अप्रैल से ब्लॉक परिसर के जीर्णोद्धार कार्य शुरू कराने और मीटिंग हॉल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के आदेश दिए गए, ताकि प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
नवानगर में जनरेटर रूम में भारी मात्रा में कबाड़ मिलने पर तत्काल सफाई और निस्तारण के निर्देश दिए गए।
टूटी हुई बाउंड्री वॉल को गंभीर सुरक्षा खतरा मानते हुए उसकी मरम्मत कराने को कहा गया। साथ ही, ब्लॉक में मीटिंग हॉल न होने पर नया प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।
नगरा ब्लॉक में फाइलों में ‘कार्य से पूर्व’ और ‘कार्य के पश्चात’ की फोटो न मिलने पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई। संबंधित लेखाकार का वेतन रोकने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, खाली भूमि पर अमृत सरोवर मॉडल से तालाब विकसित करने और जर्जर सरकारी आवासों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और वित्तीय अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कमियों को दूर कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक सख्ती के इस अभियान से जनपद में कार्य संस्कृति सुधारने के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।
