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लखनऊः सीएम राहत कोष बना वरदान ,बच गई लाखों की जान


जन सेवा दल ने मुख्यमंत्री राहत कोष से निर्धन मरीजों को मिली 1300 करोड़ की सहायता का किया स्वागत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे निर्धन परिवारों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष एक 'जीवनदायिनी' कवच के रूप में उभरकर सामने आया है। जन सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विनेश ठाकुर ने प्रदेश सरकार द्वारा पिछले एक वर्ष में गंभीर रोगों के उपचार हेतु प्रदान की गई ₹1,300 करोड़ की रिकॉर्ड आर्थिक सहायता का पुरजोर स्वागत किया है।

​प्रेस को संबोधित करते हुए श्री विनेश ठाकुर ने कहा, "मुख्यमंत्री राहत कोष आज लाखों परिवारों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। कैंसर, हृदय रोग और किडनी प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों के लिए जो सीधी मदद पहुँचाई जा रही है, वह अंत्योदय के संकल्प को सिद्ध करती है। अब उत्तर प्रदेश में कोई भी गरीब पैसे के अभाव में इलाज से वंचित नहीं रहेगा।"
​संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के विचार:
​प्रेस वार्ता के दौरान संगठन के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी सरकार के इस मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की:
​राष्ट्रीय महासचिव मनोज वर्मा ने कहा कि राहत कोष की प्रक्रिया में पारदर्शिता आने से बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और पात्र व्यक्तियों को सीधा लाभ मिल रहा है।
​राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता मंजेश ठाकुर के अनुसार, जो परिवार 'आयुष्मान भारत योजना' के दायरे में नहीं आ सके थे, उनके लिए यह कोष एक मजबूत सुरक्षा चक्र साबित हो रहा है।
जन सेवा दल के पदाधिकारीयों ने की सराहना

​राष्ट्रीय संगठन मंत्री धर्मेंद्र सविता ने आवेदन की जटिलताओं को समाप्त करने के सरकार के प्रयासों को सराहा।
​राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संजय वर्मा ने सुझाव दिया कि जिला स्तर पर 'विशेष हेल्प डेस्क' स्थापित होनी चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को आवेदन में और सुगमता हो।
​जमीनी स्तर पर मदद करेगा जन सेवा दल
जन सेवा दल के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष श्री अरविंद ठाकुर ने कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे गाँव-गाँव जाकर ऐसे जरूरतमंद मरीजों की पहचान करें जिन्हें सहायता की आवश्यकता है। उनके आवेदनों को पूर्ण कराने में संगठन हर संभव मदद करेगा। पिछड़ा वर्ग प्रभारी श्री उमेश नंदवंशी ने कहा कि पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए यह योजना किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है।
​जन सेवा दल ने संकल्प लिया है कि प्रदेश के हर जिले में एक 'सहायता सेल' सक्रिय किया जाएगा, जो मुख्यमंत्री राहत कोष के आवेदनों की कागजी कार्रवाई को सरल बनाने में जनता का मार्गदर्शन करेगा। संगठन इस लोक-कल्याणकारी कार्य के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करता है।
​2025 में प्रदेश के 1.5 लाख से अधिक निर्धन मरीजों को मिली नई जिंदगी
(सहायता लेने का तरीका )

​जन सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश ठाकुर ने 1,300 करोड़ की रिकॉर्ड सहायता का किया स्वागत; कार्यकर्ताओं को गाँव-गाँव जाकर मदद करने के निर्देश जन सेवा दल के पदाधिकारीयों को दिए हैं उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण जरुरतमंद लोग सीधे जिलाधिकारी को पत्र लिखकर साथ में क्षेत्रीय विधायक सांसद मंत्री का संस्तुति पत्र आय प्रमाण और बड़े अस्पताल का स्टीमेट संलग्न कर मुख्यमंत्री को डाक द्वारा या मुख्यमंत्री सहायता कोष की बैवसाईड पर जाकर आवेदन करें और क्षेत्रीय लेखपाल से संस्तुति रिपोर्ट लगवा कर सरकार को भेज दें और मजबूती से पैरोकारी करें या जन सेवा दल के किसी भी पदाधिकारी के माध्यम से मुझे अवगत कराएं ताकि पांच दिन के अंदर सम्बंधित अस्पताल को इलाज की धनराशि भिजवाई जा सके।

कितनों को मिला सहयोग 

उत्तर प्रदेश में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे निर्धन परिवारों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष एक 'जीवनदायिनी' की भूमिका निभा रहा है। जन सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विनेश ठाकुर ने प्रदेश सरकार के मानवीय दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में लगभग 1,58,000 से अधिक मरीजों को इस कोष से सीधी आर्थिक मदद पहुँचाई गई है, जो अपने आप में एक कीर्तिमान है।

​प्रेस को संबोधित करते हुए श्री विनेश ठाकुर ने कहा, "पिछला एक वर्ष (2025) स्वास्थ्य सेवा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ है। कैंसर, किडनी और हार्ट सर्जरी जैसे गंभीर रोगों के लिए प्रदान की गई ₹1,300 करोड़ की सहायता राशि ने लाखों लोगों को नया जीवन दिया है। अब उत्तर प्रदेश में कोई भी गरीब पैसे के अभाव में इलाज से वंचित नहीं रहेगा।"

​(संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के वक्तव्य)

​श्री अरविंद ठाकुर (प्रदेश अध्यक्ष, उ.प्र.): "वर्ष 2025 के आंकड़ों से स्पष्ट है कि सरकार की पहुँच अंतिम व्यक्ति तक हुई है। हमारे कार्यकर्ता अब 2026 में इस लक्ष्य को और व्यापक बनाएंगे।"
​श्री मनोज वर्मा (राष्ट्रीय महासचिव): "कोष की प्रक्रिया में आए सुधारों के कारण ही 2025 में इतनी बड़ी संख्या में मरीजों को समय पर सहायता मिल सकी है।"
​श्री मंजेश ठाकुर (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष): "आयुष्मान योजना से छूटे हुए उन 1.5 लाख परिवारों के लिए मुख्यमंत्री जी का यह निर्णय किसी फरिश्ते की मदद से कम नहीं था।"
​श्री संजय वर्मा (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष): "हमारा लक्ष्य है कि 2026 में हर जिले में 'सहायता सेल' सक्रिय हो, ताकि आवेदन प्रक्रिया और भी सरल हो सके।"
(​ सेवा दल का संकल्प:)
संगठन के पिछड़ा वर्ग प्रभारी श्री उमेश नंदवंशी और राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री धर्मेंद्र सविता ने कहा कि सेवा के इस महायज्ञ में संगठन अपनी पूरी आहुति देगा। कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि 2026 में भी कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में इस सुविधा से वंचित न रहे।
क्या है मुख्यमंत्री राहत कोष 
उत्तर प्रदेश ही नहीं प्रत्येक राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष के नाम से एक योजना चला रही है जो आर्थिक रूप कमजोर होने के कारण खातक बिमारियों का अच्छे अस्पताल में इलाज नहीं करा पाते हैं उन्हें सरकार द्वारा कुल स्टीमेट का 50 से 100 प्रतिशत तक सहयोग राशि सम्बंधित अस्पताल को जल्दी से भेज दी जाती है ताकि देरी होने पर किसी की जान न चली जाए 

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