प्रतापगढ़। कंधई, जनपद के पट्टी तहसील क्षेत्र में एक पत्रकार के साथ अभद्रता मारपीट और मोबाइल फोन छीनने का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम प्रगासपुर, थाना कंधई निवासी पत्रकार सद्दाम अतीक ने पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह पत्रकारिता का कार्य करते हैं। 6 मार्च 2026 को सुबह करीब 11 बजे वह थाना कंधई परिसर के बाहर मौजूद थे। उसी समय कुछ लोग थाने का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। बताया गया कि पत्रकार अपने पेशेगत दायित्व के तहत उक्त घटना की वीडियो कवरेज कर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद मगरू मोदनवाल, प्रशांत उर्फ पिंटू, ददन तिवारी तथा तीन-चार अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें पहचान लिया और घेर लिया। आरोप है कि इन लोगों ने पत्रकार के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें अंदरूनी चोटें भी आईं। साथ ही धमकी दी गई कि यदि वीडियो बनाया या प्रसारित किया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
बताया जाता है कि मौके पर मौजूद एक सिपाही के हस्तक्षेप के बाद आरोपियों ने मोबाइल फोन वापस कर दिया। पीड़ित पत्रकार ने घटना की सूचना संबंधित थाने को दी और पुलिस अधीक्षक से मिलकर आरोपियों के खिलाफ लूट छिनैती मारपीट, धमकी तथा पत्रकारिता कार्य में बाधा डालने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इधर पत्रकार संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला हैं। पत्रकारों में बृजेंद्र सिंह, बब्लू अखिल नारायण सिंह घनश्याम तिवारी निर्भय प्रताप सिंह रशीद अहमद भूपेंद्र सिंह अभय प्रताप सिंह, पंकज केसरवानी आशुतोष तिवारी और सद्दाम अतीक सहित कई लोगों ने घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की जांच जारी है।
