अमेठीः रविंद्रालय में अवधी साहित्य संस्थान जनपद ने लहराया परचम- डॉ अर्जुन पाण्डेय
March 20, 2026
अमेठी। अवधी साहित्य संस्थान अमेठी की ओर से स्थानीय डाक बंगले में नवसंवत्सर पर होली मिलन एवं कवि गोष्ठी का शुभारम्भ राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल अमरेश की वाणी वंदना से हुआ।प्रथम सत्र में अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ अर्जुन पाण्डेय ने बताया कि अवधी साहित्य संस्थान अमेठी एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 17 मार्च को रविंद्रालय के पुस्तक मेले में अवधी विमर्श एवं कवि सम्मेलन में तमाम जनपदों के बीच संस्थान का परचम लहराया जाना सौभाग्य पूर्ण क्षण बना। डॉ पाण्डेय ने कहा कि निज देश और निज भाषा पर गर्व होना चाहिए।आज अवधी को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है।इस अवसर पर संस्थान के सदस्यों द्वारा गुलाल एवं गुलाबी रंग बिरंगी होली का उल्लास मनाया गया।द्वितीय सत्र में कवियों ने अपनी रसभरी रचनाओं से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।अध्यक्षता करते हुए राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल श्अमरेशश् ने पढ़ा - भावना आप सब की निराली रहे,ईद और होली दीवाली रहे। ओज कवि रामेश्वर सिंह निरास ने पढ़ा-ऊंच नीच जाति पाति सबका बिसारि बन्धु, त्याग बलिदान कै चिराग तू जलावा करा,रामबदन शुक्ल श्पथिकश् ने पढ़ा -जिनका बोतल से हरदम सरोकार है,जाम चढ़ जाये तो सपना साकार है।मोहम्मद शब्बीर अहमद सूरी ने पढ़ा-लोग सोये हैं कोई होता तो जगाने वाला।जगदम्बा तिवारी श्मधुरश्ने पढ़ा-सरसों कै फूल मुरझाने हो रामा,पिया नाही आये हो रामा।रामकुमारी संसृत ने पढ़ा -हाथ में लेकर गुलाल लाल रंग डालूं कैसे।सबके प्रति अंत में आभार व्यक्त करते हुए डॉ अर्जुन पाण्डेय ने पढ़ा -करनी धरनी कै आगार तुंहीं,तोहरे बिनु बैतरनी के पार करे।इस अवसर पर सत्येन्द्र प्रकाश शुक्ल,कैलाश नाथ शर्मा,बाल कृष्ण ओझा,अभिनव मिश्र, रीता देवी,मग्गे एवं मुन्ना लाल आदि उपस्थित रहे।कवि एवं समारोह का संचालन प्रख्यात कवि जगदम्बा तिवारी मधुर ने किया।
