पीलीभीत। दियोरिया कला के गांव किशनपुर में रविवार की शाम जमीनी विवाद ने भयावह और रक्तरंजित रूप ले लिया। पारिवारिक रंजिश में चचेरे भाइयों ने कथित रूप से घर में घुसकर युवक पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले की बर्बरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसे बचाने आई उसकी पत्नी, मासूम बेटी, बहन सहित परिवार के पांच सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत, आक्रोश और तनाव का माहौल है।
जानकारी के अनुसार किशनपुर निवासी हरिओम का अपने चचेरे भाइयों गंगाराम, सुनील, बब्बू और पवन से पुश्तैनी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच कई बार कहासुनी और तनाव की स्थिति बन चुकी थी। करीब दो माह पूर्व भी दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। उस समय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांति भंग की कार्रवाई कर मामला शांत कराया था। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि उस विवाद में ठोस कार्रवाई न होने से दबंग पक्ष के हौसले और बढ़ गए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार शाम अचानक विवाद फिर भड़क उठा। आरोप है कि चचेरे भाई अपने कुछ साथियों के साथ हरिओम के घर में घुस आए। पहले घर के भीतर गाली-गलौज और मारपीट की गई, फिर हरिओम को जबरन घसीटकर बाहर सड़क पर ले जाया गया। इसके बाद धारदार हथियारों से उस पर ताबड़तोड़ हमला किया गया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि हरिओम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोग संभल भी नहीं पाए। चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग और पड़ोसी बाहर आए, लेकिन तब तक हमलावर बेरहमी से वार कर चुके थे।
पति को बचाने के लिए उसकी पत्नी सोनी दौड़कर बाहर आईं। उनके साथ मासूम बेटी प्रियांशी, बहन लता और अन्य परिजन भी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने उन पर भी लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल परिजनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। कुछ की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुटने लगे। भीड़ बढ़ती देख हमलावर मौके से फरार हो गए। गांव में देखते ही देखते सनसनी फैल गई। हर कोई इस वारदात की चर्चा करता नजर आया। मृतक के घर पर मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया,क्षेत्राधिकारी प्रगति चैहान और थानाध्यक्ष गौतम सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से जानकारी ली। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया गया।पुलिस ने रात में ही नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। सूत्रों के अनुसार कुछ आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि यदि दो माह पूर्व हुए विवाद में कड़ी कार्रवाई की जाती तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटी-छोटी जमीनी रंजिशें किस तरह जानलेवा संघर्ष में बदल रही हैं। गांव किशनपुर में पसरे मातम और सन्नाटे के बीच हर कोई इस खूनी संघर्ष से स्तब्ध है।
