शैलेन्द्र प्रताप सिंह(सवांददाता)
अमेठी। जनपद मे एलपीजी गैस न मिलने से लोग बेहाल है, हो या हो अस्पताल ही जगर गैस न मिलने से लोगो जो भट्ठी का सहारा लेना पड रहा है। नगर क्षेत्र में बस अड्डे के पास स्थित चाय व होटल दुकानों में कमर्शियल गैस की कमी से कामकाज प्रभावित हो रहा है। गैस आपूर्ति में व्यवधान के चलते कर्मचारियों को मजबूरी में कोयले की भट्ठी पर चाय व खाना बनाना पड़ रहा है।होटल कर्मचारियों का कहना है कि भट्ठी पर काम करना ज्यादा समय और मेहनत मांगता है, जिससे कार्य धीमा हो रहा है। वहीं होटल प्रबंधन ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था से संचालन जारी है, लेकिन लगातार गैस संकट से सेवा प्रभावित हो रही है।होटल संचालक राहुल प्रजापति ने बताया कि यदि जल्द गैस आपूर्ति सुचारू नहीं हुई तो भट्ठी पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे काम में देरी और कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा।स्थानीय लोगों व कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि होटल संचालन सामान्य रूप से चल सके। वही जिले में एलपीजी गैस की किल्लत का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। इंदिरा गांधी आई हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर अमेठी में गैस की कमी के कारण खाना मिट्टी के चूल्हे पर बनाना पड़ रहा है। यही स्थिति संजय गांधी अस्पताल में भी देखने को मिल रही है, जहां रसोई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं।बताया जा रहा है कि एलपीजी सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति के चलते अस्पताल प्रबंधन को मजबूरी में पारंपरिक चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे न केवल व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि समय और श्रम भी अधिक लग रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में गैस की किल्लत लगातार गहराती जा रही है, जिसका असर आम जनता के साथ-साथ संस्थानों पर भी पड़ रहा है। अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर इस तरह की स्थिति चिंता का विषय है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गैस आपूर्ति को सुचारू किया जाए, ताकि अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर किसी प्रकार का असर न पड़े।
