मनियर/बलिया। नगर पंचायत मनियर में हाल ही में बनी इंटरलाकिंग सड़क को उखाड़कर दोबारा निर्माण कराए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश शासन ने गंभीर रुख अपनाया है। वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी को तत्काल जांच कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है।
नगर पंचायत मनियर के वार्ड संख्या-5 के सभासद अमित कुमार सिंह द्वारा की गई शिकायत पर उत्तर प्रदेश शासन ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। उप सचिव राजेश्वरी प्रसाद द्वारा 25 मार्च 2026 को जारी पत्र में जिलाधिकारी बलिया को निर्देशित किया गया है कि शिकायत के सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कर स्पष्ट आख्या शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
सभासद ने 11 मार्च 2026 को भेजे गए अपने पत्र में आरोप लगाया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से बनी इंटरलाकिंग सड़क को जानबूझकर उखाड़कर दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई नए फंड की निकासी और धन के दुरुपयोग के उद्देश्य से की जा रही है।
शिकायत के अनुसार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत पीडब्ल्यूडी मार्ग से पूर्व मंत्री निर्भय नारायण सिंह के आवास होते हुए समत गड़ही सामुदायिक शौचालय और वार्ड संख्या-1 में गोपाल सिंह के घर तक सड़क का निर्माण 31 मार्च 2025 को पूरा हुआ था। लेकिन अब उसी सड़क के एक बड़े हिस्से को उखाड़ दिया गया है।
सभासद का आरोप है कि इंटरलाकिंग ईंटों को अन्यत्र स्थानांतरित कर पुनः धन की मांग की जा रही है, जो शासनादेश का उल्लंघन और खुली वित्तीय अनियमितता है। उन्होंने शासनादेश का हवाला देते हुए संबंधित अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियां सीज करने की भी मांग की है।
शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें और दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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