मुसाफिरखाना: भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षसी पूतना का भी उद्धार किया- कथा व्यास
March 29, 2026
मुसाफिरखाना/अमेठी। ब्लॉक क्षेत्र सादीपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर कथा व्यास स्वामी प्रणवपुरी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत मार्मिक और प्रेरणादायक वर्णन किया। जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। व्यास प्रणवपुरी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षसी पूतना का भी उद्धार किया, जो उन्हें विष पिलाने के उद्देश्य से आई थी। यह प्रसंग भगवान की असीम करुणा और दया का प्रतीक है, कि वे शत्रु भाव से आने वालों का भी कल्याण कर देते हैं। इसके साथ ही भगवान की माखन चोरी की लीला का भी सुंदर वर्णन किया गया। व्यास जी ने कहा कि भगवान का यह कृत्य गोपियों को प्रसन्न करने के लिए था। क्योंकि वे सदैव यही कामना करती थीं कि श्रीकृष्ण उनके घर पधारें। उन्होंने बताया कि ये गोपियां पूर्व जन्म के ऋषि-मुनि थीं, जिन्हें अपनी तपस्या के फलस्वरूप यह दिव्य सान्निध्य प्राप्त हुआ।कथा में कालिय नाग के प्रसंग का भी उल्लेख किया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना जी को उसके विष से मुक्त कराया और स्वयं कालिय नाग पर भी कृपा कर उसे जीवनदान दिया। यह प्रसंग भगवान की न्याय और करुणा दोनों का अद्भुत संगम दर्शाता है।अंत में गोवर्धन पर्वत धारण की लीला का वर्णन करते हुए प्रणवपुरी जी ने बताया कि भगवान ने यह संदेश दिया कि हमारे जीवन के सभी भार और संकटों का वहन स्वयं ईश्वर करते हैं, इसलिए मनुष्य को कभी अभिमान नहीं करना चाहिए।
