प्रतापगढः राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता ने डॉलर के मुकाबले भारतीय रूपये में गिरावट को आर्थिक तबाही का करार दिया काला अध्याय! प्रीमियम पेट्रोल के दामों में बढ़ोत्तरी मोदी सरकार की अवसरवादिता- प्रमोद तिवारी
March 20, 2026
प्रतापगढ़। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार द्वारा प्रीमियम पेट्रोल के दामों में दो रूपये की बढोत्तरी को पूरी तरह से अवसरवादिता करार दिया है। वहीं उन्होने डॉलर के मुकाबले रूपये की रिकार्ड गिरावट को मोदी सरकार की आर्थिक तबाही की इंतहा भी करार दिया है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि घरेलू एलपीजी गैस सिलेण्डर के दामों में बढोत्तरी के बाद सरकार ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर यह साबित कर दिया है कि वह जनता के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में पूरी तरह से असफल हैं। उन्होने सरकार से सवाल दागा कि वह देश को बताये कि जब कच्चे तेल की कीमत साठ डॉलर प्रति बैरल पर थमी थी तब उसने कीमतों को आखिर क्यों नही घटाया था। उन्होने कहा कि तब सरकार ने छब्बीस से तीस लाख करोड़ की कमाई कर यह राग अलापा था कि इससे वह पुराना घाटा पूरा कर रही है। उन्होने कहा कि सरकार ने यह भी दलील दिया था कि यह कमाई भविष्य की आवश्यक आवश्यकता को सुरक्षित रखने के लिए काम आयेगी। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि कच्चे तेल को लेकर अभी युद्ध का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। उन्होने कहा कि अभी भी अर्न्तराष्ट्रीय बाजार में मात्र सौ से एक सौ दस डॉलर पर कच्चे तेल की लागत थमी हुई है। उन्होनें कहा कि ऐसे में यदि कोई डीलर पेट्रोलियम क्षेत्र में इस प्रकार से दाम बढ़ाता तब इसे मुनाफाखोरी व चोर बाजारी तथा अवसरवादिता करार दिया जाता। उन्होने कहा कि ऐसे हालात में मोदी सरकार का भी तो अब सीधे सीधे अवसरवादिता और मुनाफाखोरी का जनविरोधी रवैया सामने आया है। उन्होने कहा कि मोदी सरकार का यह कदम पूरी तरीके से निंदनीय और जनविरोधी है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार से फौरन प्रीमियम पेट्रोल के दामों में बढोत्तरी को वापस लिए जाने की मांग भी उठाई है। वहीं विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने डॉलर के मुकाबले रूपये की रिकार्ड गिरावट को लेकर भी मोदी सरकार की तगड़ी घेराबंदी की है। उन्होने कहा कि यह गिरावट आर्थिक तबाही की इंतहा है। उन्होने कहा कि रूपये का कमजोर होना दुनिया में देश की साख की शर्मनाक गिरावट है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को रूपये की गिरावट को नियंत्रित न कर पाने की विफलता से जुडी इस आर्थिक तबाही के लिए स्वयं नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि सरकार की अवसरवादिता का खामियाजा देश का मध्यम वर्ग भुगत रहा है। उन्होने कहा कि घरेलू एलपीजी गैस के दामों में बढ़ोत्तरी और इसकी किल्लत से लघु व्यापार तथा मध्यम वर्ग को तगड़ा झटका लगा है। उन्होने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में आर्थिक गिरावट की इंतहा मोदी सरकार का सर्वाधिक काला इतिहास है। सांसद प्रमोद तिवारी का यह बयान शुक्रवार को यहां मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।
