पीलीभीत। जिले में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर प्रशासन भले ही स्थिति सामान्य बता रहा हो, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस बुकिंग के दौरान मोबाइल पर ओटीपी न आने की समस्या के कारण लोग सिलिंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। कई स्थानों पर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।जिले के शहर क्षेत्र के साथ-साथ जहानाबाद, बीसलपुर और पूरनपुर सहित कई कस्बों में यह समस्या सामने आ रही है। बृहस्पतिवार को जहानाबाद स्थित एक गैस एजेंसी पर बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंच गए। उपभोक्ताओं का कहना था कि कई बार प्रयास करने के बावजूद मोबाइल पर बुकिंग का ओटीपी नहीं आ रहा है। ओटीपी सत्यापन के बिना एजेंसियां सिलिंडर जारी नहीं कर रहीं, जिससे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 4.68 लाख है, जबकि व्यावसायिक गैस उपभोक्ताओं की संख्या करीब 678 बताई जा रही है। पूरे जिले में कुल 39 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनमें से छह से अधिक एजेंसियां जिला मुख्यालय पर स्थित हैं। ऐसे में बुकिंग व्यवस्था में आई तकनीकी बाधा का असर बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
इधर कुछ क्षेत्रों में गैस की मांग बढ़ने के कारण कालाबाजारी की चर्चाएं भी सामने आने लगी हैं। बीसलपुर क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा घरेलू गैस सिलिंडर अधिक कीमत पर बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं। हालांकि प्रशासन ने ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कहीं भी कालाबाजारी या अनियमितता पाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उधर गैस सिलिंडर को लेकर फैल रही आशंकाओं का असर बाजार में भी देखने को मिल रहा है। शहर के बाजारों में इलेक्ट्रिक उपकरणों की दुकानों पर इन दिनों इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रिक केतली, ओवन और गीजर की मांग अचानक बढ़ गई है। ग्राहक बड़ी संख्या में इन उपकरणों की खरीदारी कर रहे हैं।ग्राहकों का कहना है कि यदि भविष्य में गैस सिलिंडर मिलने में दिक्कत होती है तो खाना बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखना जरूरी है। कई लोगों ने बताया कि पहले मिस्ड कॉल या मोबाइल एप से आसानी से गैस बुक हो जाती थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बुकिंग ही नहीं हो पा रही है, इसलिए वे इंडक्शन या अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण खरीद रहे हैं।दुकानदारों के अनुसार पहले इन उपकरणों की बिक्री बहुत कम होती थी। जहां पहले महीने में एक-दो इंडक्शन चूल्हे बिकते थे, वहीं अब प्रतिदिन 20 से 30 पीस तक बिक्री हो रही है। कुछ दुकानदारों का कहना है कि बढ़ती मांग के कारण पुराना स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है और यदि यही स्थिति रही तो जल्द ही इंडक्शन चूल्हों की भी कमी हो सकती है।प्रशासन का कहना है कि जिले में गैस सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है। वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए ओटीपी आधारित प्रणाली लागू की गई है। अधिकारियों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में सर्वर और नेटवर्क की समस्या के कारण बुकिंग में दिक्कत आ रही है, जिसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा।गैस सिलिंडर को लेकर फैल रही अफवाहों को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। पुलिस लाइन में एएसपी विक्रम दहिया की अध्यक्षता में गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए गए कि वे प्रतिदिन उपलब्ध स्टॉक और वितरण का पूरा रिकॉर्ड रखें तथा उपभोक्ताओं को नियमों के अनुसार ओटीपी सत्यापन के बाद ही सिलिंडर उपलब्ध कराएं।
इसके साथ ही एजेंसियों से जुड़े हॉकरों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कालाबाजारी, कम तौल या अवैध रिफिलिंग जैसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी विकास कुमार, सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसी बीच परिवहन विभाग ने भी एलपीजी के अनधिकृत उपयोग पर सख्ती के संकेत दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों में बिना अनुमति एलपीजी किट लगाकर संचालन किया जा रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए परिवहन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा विशेष अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस की उपलब्धता को लेकर अनावश्यक घबराहट न फैलाएं। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी समस्या जल्द दूर होने के बाद गैस बुकिंग और वितरण व्यवस्था सामान्य हो जाएगी।
“एलपीजी सिलेंडर को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी कालाबाजारी न होने पाए और किसी भी उपभोक्ता को अनावश्यक परेशान न किया जाए। कुछ स्थानों पर लंबी लाइन लगने की सूचना मिली है, लेकिन जिले में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। सभी गैस एजेंसियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। जिन वाहनों में अनावश्यक रूप से एलपीजी का उपयोग किया जा रहा था, उस पर भी रोक लगा दी गई है। जहां कहीं समस्या आ रही है, वहां प्रशासन तत्काल समाधान कराने का प्रयास कर रहा है।”
ज्ञानेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
“हमारे पास स्टॉक में गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। समस्या मुख्य रूप से उपभोक्ताओं की बुकिंग से जुड़ी हुई है। बुकिंग के कई माध्यम हैं, लेकिन इस समय सिस्टम पर अत्यधिक लोड होने के कारण कई बार कॉल या नंबर कट जा रहे हैं और बुकिंग नहीं हो पा रही है। यदि बुकिंग नहीं होगी तो सिलिंडर जारी करना संभव नहीं होगा। उपभोक्ताओं से अपील है कि वे बुकिंग के उपलब्ध सभी माध्यमों का उपयोग करें।”
असद जावेद-गैस एजेंसी संचालक
