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प्रतापगढः राज्य महिला आयोग की सदस्य ने जनसुनवाई कर पीड़ित महिलाओं की सुनी समस्यायें! शासन की योजनाओं का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक पहुंचाएं अधिकारी-प्रतिभा कुशवाहा


प्रतापगढ़। जिले में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की जनसुनवाई की जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी शिकायतों के साथ उपस्थित हुईं। जनसुनवाई के दौरान प्रतिभा कुशवाहा ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर शोषण, संपत्ति विवाद, मानसिक उत्पीड़न, पेंशन व आवास योजना का लाभ न मिलने जैसे गंभीर मामलों को व्यक्तिगत रूप से सुना और प्रत्येक शिकायतकर्ता को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में महिला आयोग पूरी तरह समर्पित है। प्रतिभा कुशवाहा ने संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज की रीढ़ हैं, और उनका सशक्तिकरण तभी संभव है जब उन्हें न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले। जनसुनवाई के दौरान कुछ मामलों में मौके पर ही समाधान भी निकाला गया। कई मामलों में संबंधित पुलिस थानों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए। वहीं, लंबित मामलों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई। प्रतिभा कुशवाहा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत पर फॉलोअप कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और शिकायतकर्ता को उसकी जानकारी भी दी जाए। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि डरने की जरूरत नहीं है। कानून आपके साथ है और महिला आयोग हर उस महिला के साथ खड़ा है जो किसी भी प्रकार के उत्पीड़न का शिकार हो रही है। उन्होंने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी और उन्हें जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल सुनवाई करना नहीं, बल्कि पीड़िता को न्याय दिलाना है। जनसुनवाई के अंत में प्रतिभा कुशवाहा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों पर सतत निगरानी रखी जाए और महिलाओं की सुरक्षा व अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। महिलाओं ने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें न केवल उम्मीद मिलती है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। आज जनसुनवाई के दौरान कुल 20 महिलाओं ने आयोग की सदस्य के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई जिन्हें उन्होंने गंभीरता पूर्वक सुना और उनके निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान महिला आयोग की सदस्य ने उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के 5 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र का वितरण, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19) योजनान्तर्गत 05 लाभार्थियों को लैपटाप का वितरण, बाल विकास एवं पुष्टाहार के 5 लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र का वितरण किया गया।

जनसुनवाई के उपरान्त महिला आयोग की सदस्य ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में महिलाओं की समस्याओं, सुरक्षा और कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान महिला आयोग की सदस्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में विभागों द्वारा आयोजित किए जाने वाले महिला जागरूकता कार्यक्रमों की सूचना अनिवार्य रूप से महिला आयोग को दी जाए, ताकि आयोग भी ऐसे कार्यक्रमों में सहभागिता कर सके और महिलाओं को उनके अधिकारों एवं योजनाओं की जानकारी मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी विभाग द्वारा इस संबंध में सूचना नहीं दी जाती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि पिछले तीन महीनों में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में की गई कार्रवाई और उनके निस्तारण की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है, इसलिए ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। बैठक में शिक्षा विभाग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी विद्यालयों में मिड-डे-मील के अंतर्गत बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए विद्यालयों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि बच्चों को स्वच्छ और शुद्ध भोजन उपलब्ध हो सके। इसके अलावा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को निर्देश दिया गया कि जहां-जहां पिंक शौचालयों की आवश्यकता है, वहां उनकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय की सुविधा मिल सके। सहायक श्रमायुक्त को निर्देशित करते हुए महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि ईंट भट्ठों पर कार्य करने वाली महिलाओं के लिए भी शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें कार्यस्थल पर किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक के अंत में उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं और जरूरतमंद लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए, ताकि महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर नैन्सी सिंह, सीओ सदर करिश्मा गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेन्द्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेन्द्र कुमार मौर्य, जिला प्रोबेशन अधिकारी राम बाबू विश्वकर्मा, बाल संरक्षण अधिकारी अभय शुक्ला, भाजपा से रामजी मिश्रा व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

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