प्रतापगढ़: अफवाह की आग में जला सिस्टमरू पेट्रोल पंपों पर मचा हाहाकार, प्रशासन रहा ‘मूकदर्शक’
March 26, 2026
कुंडा/प्रतापगढ़।अमेरिका-ईरान युद्ध की आशंका को लेकर फैली एक अफवाह ने कुंडा क्षेत्र में ऐसा कोहराम मचाया कि पेट्रोल पंपों पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। कुछ ही घंटों में कई पंप ड्राई हो गए, जबकि प्रशासन तमाशबीन बना रहा।कुंडा क्षेत्र में मंगलवार को अफवाहों ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरा इलाका ईंधन संकट की चपेट में आ गया। अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते पेट्रोल-डीजल की किल्लत होने की खबर जैसे ही फैली, लोग घबराकर सड़कों पर पेट्रोल पंपों की ओर भागते नजर आए और देखते ही देखते पम्पों पर लंबी कतारें लग गईं और हालात बेकाबू हो गए।घबराहट इतनी थी कि लोग अपनी जरूरत से कई गुना ज्यादा पेट्रोल और डीजल भरवाने लगे। कई लोग डिब्बों, गैलनों और प्लास्टिक के कंटेनरों में भी ईंधन भरवाते नजर आए। शासन के स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती रहीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे।झींगुर पेट्रोल पंप सहित कई सारे पेट्रोल पम्पो पर भारी भीड़ लग गई। अफरातफरी का सबसे बड़ा केंद्र झींगुर पेट्रोल पंप रहा जहां घंटों तक भीड़ बेकाबू रही। वाहन चालकों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं, धक्का-मुक्की और बहस के बीच हालात कई बार बिगड़ने की कगार पर पहुंच गई।जिससे महेशगंज पुलिस को जाकर वहां हस्तक्षेप करना पड़ा और अपनी निगरानी में डीजल -पेट्रोल का वितरण कराना पड़ा।क्षेत्र के कई अन्य पेट्रोल पंपों का भी यही हाल रहाकृकुछ घंटों में ही टंकियां खाली हो गईं और लोग मायूस होकर लौटने को मजबूर हो गए। इस पूरे घटनाक्रम ने सप्लाई सिस्टम और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी अफवाह पर लगाम क्यों नहीं लगाई गई? जब हालात बिगड़ने लगे तो भी प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाया? न तो भीड़ नियंत्रित करने की कोशिश दिखी और न ही नियमों का पालन सुनिश्चित कराया गया।स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अफवाह का खंडन किया जाता और सख्ती दिखाई जाती, तो यह स्थिति नहीं बनती। यह घटना साफ संकेत दे रही है कि अफवाहें सिर्फ दहशत ही नहीं फैलातीं, बल्कि पूरे सिस्टम को बेनकाब भी कर देती हैंकृजहां जिम्मेदार अधिकारी संकट के वक्त भी ‘मूकदर्शक’ बने रहते हैं। इस संबंध में एसडीएम कुंडा वाचस्पति सिंह और सप्लाई इंस्पेक्टर शिव मिश्रा को फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नही उठाया।
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