रामपुर।शनिवार को प्रातः 10ः30 बजे जनपद न्यायाधीश, भानु देव शर्मा, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। उक्त आयोजन में श्री अशोक कुमार यादव, (पीठासीन अधिकारी) मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल,अरविन्द कुमार, (प्रधान न्यायाधीश) परिवार न्यायालय, अजय कुमार दीक्षित, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशध्नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत, संदीप सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरणध्अपर सिविल जज(प्रवर वर्ग), सुमिता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं समस्त न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहें।
जनपद न्यायाधीश भानु देव शर्मा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रामपुर की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत में निम्नलिखित न्यायालयों द्वारा वादों का निस्तारण किया गया-
अरविन्द कुमार, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, जनपद रामपुर द्वारा 89 वादों का निस्तारण किया गया।
अशोक कुमार यादव, पीठासीन अधिकारी, मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल, द्वारा 41 मोटर एक्सीडेंट के वादों का निस्तारण कर मृतकोंध्घायलों के आश्रितों को 3,71,33000-00 दिलायें गयें।
अजय कुमार दीक्षित, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, द्वारा 02 वादों का निस्तारण कर अर्थदण्ड के रूप में 500-00 प्राप्त किये गयें।
डा0 विजय कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायालय कक्ष स0-2 द्वारा 01 वाद का निस्तारण कर अर्थदण्ड के रूप में 1000-00 प्राप्त किये गयें।
छवि अस्थाना, विशेष न्यायाधीश (एसी0एस0टी0एक्ट), द्वारा 6 वादों का निस्तारण कर अर्थदण्ड के रूप में 2300-00 प्राप्त किये।
इन्द्रप्रकाश, विशेष न्यायाधीश (ई0सी0एक्ट), द्वारा 822 वादों का निस्तारण किया गया ।
अशोक कुमार सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायालय कक्ष स0-3 द्वारा 02 वाद का निस्तारण कर अर्थदण्ड के रूप में 1500-00 प्राप्त किये। कैलाश कमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायालय कक्ष स0-4 द्वारा 01 वाद का निस्तारण किया गया ।
सुमिता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, द्वारा 3385 वादों का निस्तारण कर अर्थदण्ड के रूप में रू0 615450-00 प्राप्त कियें।
अमरीश त्रिपाठी, सिविल जज(प्रवर वर्ग) द्वारा 33 सिविल के वादों का निस्तारण किया गया।अमरीष कुमार श्रीवास्तव, प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, द्वारा 1050 फौजदारी के वादों का निस्तारण कर 72270 रूप अर्थदण्ड के रूप में प्राप्त कियें एवं 2 एन0आई0एक्ट के वादों का निस्तारण किया गया।
शोभित बंसल, अपर सिविल जज(प्रवर वर्ग)-प्रथमध्अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 412 फौजदारी के वादों का निस्तारण कर अर्थदण्ड के रूप में 3100-00 प्राप्त किये एवं 02 एन0आई0एक्ट के वादों का निस्तारण किया गया।
संजय कुमार सिंह, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, तृतीय द्वारा 02 एन0आई0एक्ट का वाद निस्तरण किया गया रू0 130000-00, 700 फैजदारी के वादों का निस्तारण किया गया ।
प्रज्ञा पाराशर, सिविल जज(अवर वर्ग) द्वारा 23 सिविल के वादांे का निस्तारण किया गया।
प्रवीण कुमार सिंह, न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय स्वार द्वारा 231 वादों का निस्तारण किया गया। रणंजय सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट, 457 फौजदारी के वादों का निस्तारण किया गया।
प्रियंका सरन, सिविल जज(अवर वर्ग)ध्त्वरित न्यायालय(ब्।ॅ) द्वारा 216 वादों का निस्तारण किया गया। सतीश कुमार वर्मा, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट, द्वारा 20 फौजदारी के वादों का निस्तरण किया गया।
क्लैक्ट्रेट न्यायालयोंध्कैनाल मजिस्ट्रेटध्वाट माप विभागध्आबकारी विभागध् ए0आर0टी0ओ0ध्श्रम विभागध्नगर पालिकाध्विद्युत विभागध्उभोक्ता फोरमध्कृषि विभागध्जिला पंचायत विभागध्जिला पूर्ति विभागध्जिला समाज कल्याण विभागध्महिला कल्याण विभागध् चिकित्सा विभागध् नगर निकायध् जिला ग्रामोद्योग, एवं पुलिस विभाग अन्य विभागों के विभिन्न प्रकार के 88202 मामलों एवं 11 पारिवारीक प्री-लिटिगेशन वाद एवं दीवानी न्यायालयों सें 7511 वादो का निस्तारण किया गया।
समस्त बैंको एवं फाइनंेस कम्पनियों ऋण वसूली के प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 802 वादो का निस्तारण कर 111718141 का समझौता हुआ। इस प्रकार कुल 96526 मामलों का निस्तारण किया गया।
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