मुरादाबाद (विधान केसरी)। देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शुमार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम ने मुरादाबाद को गर्व का नया अवसर दिया है। शहर के चार प्रतिभाशाली युवाओं ने अपनी मेहनत, धैर्य और लगन के बल पर शानदार सफलता हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। देवांश गुप्ता ने पांचवें प्रयास में 77वीं रैंक हासिल कर शीर्ष स्थान पाया, जबकि सृजित कुमार ने लंबी छलांग लगाकर 84वीं रैंक, ऋषभ शर्मा ने 116वीं रैंक और गरिमा सिंह ने 240वीं रैंक हासिल कर सफलता की नई कहानी लिखी।
पांचवें प्रयास में देवांश ने हासिल की 77वीं रैंक
मुरादाबाद के गोकुल दास गर्ल्स कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. किरण साहू के पुत्र देवांश गुप्ता ने सिविल सेवा परीक्षा में 77वीं रैंक हासिल कर जिले में सबसे बेहतर स्थान प्राप्त किया। देवांश ने लगातार प्रयास और असफलताओं के बावजूद हार नहीं मानी और आखिरकार पांचवें प्रयास में सफलता प्राप्त कर ली। देवांश ने बताया कि वर्ष 2021 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि असफलताएं इंसान को मजबूत बनाती हैं और आत्मविश्वास तथा धैर्य के साथ किया गया प्रयास अंततः सफलता जरूर दिलाता है।
सृजित ने लगाई लंबी छलांग, 84वीं रैंक
पिछले वर्ष 277वीं रैंक हासिल करने वाले सृजित कुमार ने इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए 84वीं रैंक हासिल की है। मूल रूप से शाहजहांपुर के निवासी सृजित के पिता सुभाष चंद्र गंगवार मुरादाबाद में एसपी ट्रैफिक के पद पर तैनात हैं। सृजित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। पिछली बार उन्हें 277वीं रैंक के साथ आईआरएस (सीमा शुल्क एवं अप्रत्यक्ष कर) सेवा मिली थी, लेकिन उन्होंने अपनी कमियों को दूर कर इस बार रैंक में बड़ा सुधार किया।
प्राइवेट नौकरी छोड़ ऋषभ ने पाई सफलता
मुरादाबाद में एलआईयू इंस्पेक्टर आभा शर्मा के पुत्र ऋषभ शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा में 116वीं रैंक हासिल की है। ऋषभ ने प्रयागराज से बीटेक करने के बाद बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी, लेकिन उनका मन प्रशासनिक सेवा में जाने का था। इसलिए वर्ष 2023 में उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। दो वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने 2025 की परीक्षा में दूसरी कोशिश में ही 116वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की।
चौथे प्रयास में गरिमा सिंह ने रचा इतिहास
मूल रूप से रामपुर के टांडा दढ़ियाल निवासी एडवोकेट रामौतार सिंह की बेटी गरिमा सिंह ने 240वीं रैंक हासिल कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। गरिमा की शुरुआती पढ़ाई मुरादाबाद के केसीएम स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से पढ़ाई की और आईआईटी इंदौर से उच्च शिक्षा प्राप्त की। सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य लेकर उन्होंने तैयारी शुरू की। तीन बार असफल होने के बावजूद गरिमा ने हिम्मत नहीं हारी। पहली बार इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद कम अंकों से चूक गई थीं, लेकिन चौथे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर ली। गरिमा के बड़े भाई रक्षा मंत्रालय में सेक्शन ऑफिसर हैं, जबकि दूसरे भाई राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं। यूपीएससी का परिणाम घोषित होने के बाद मुरादाबाद की मानसरोवर कॉलोनी स्थित उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र पाल सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने परिवार को शुभकामनाएं दीं।
मुरादाबाद के इन चार युवाओं की सफलता ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ निश्चय, कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है।
