लखनऊः एसईए का अखिल भारतीय अनुमानों पर पूर्वानुमानित विश्लेषण! रबी 2025-26 के लिए 119.4 लाख टन रेपसीड-मस्टर्ड उत्पादन का अनुमान
March 30, 2026
लखनऊ। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने रबी 2025-26 सीजन के लिए रेपसीड-मस्टर्ड की फसल का पहला उत्पादन अनुमान जारी किया है। यह अनुमान फसल की बुनियादी स्थितियों में लगातार हो रहे सुधार की ओर इशारा करता है। साल 2025-26 की सरसों की फसल का अनुमान लगाने के लिए, एसईए ने इंडियन एग्रीबिजनेस सिस्टम्स लिमिटेड (एग्रीवॉच) को नियुक्त किया। एग्रीवॉच ने जमीनों का सर्वेक्षण, फसल कटाई और रिमोट सेंसिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके एक विस्तृत अध्ययन किया। कृषि-वस्तु अनुसंधान में व्यापक अनुभव रखने वाले एग्रीवॉच ने कई अध्ययन किए हैं। इसके अनुमान सरसों उगाने वाले विभिन्न प्रमुख जिलों में किए गए भू सर्वेक्षणों के दो दौर पर आधारित हैं।इस अनुमान के अनुसार, अखिल भारतीय स्तर पर रेपसीड-मस्टर्ड की बुवाई का रकबा बढ़ कर 93.91 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि वर्ष 2024-25 में यह 92.15 लाख हेक्टेयर था। अनुकूल मौसम और खेती के बेहतर तरीकों के कारण, औसत पैदावार भी बढ़कर 1,271 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई है, जो पिछले साल 1,250 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर थी। नतीजतन, कुल उत्पादन 119.4 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले सीजन के 115.2 लाख टन उत्पादन की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाता है। उत्पादन में बढ़ोतरी मुख्य रूप से ज्यादा जमीन पर खेती और साथ ही मुख्य उत्पादक राज्यों में उत्पादकता में थोड़ी बहुत बढ़ोतरी की वजह से हुई है।इस बारे में द सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया की ओर से जयपुर में आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के प्रेसिडेन्ट संजीव अस्थाना ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा ‘‘करीब 3.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ, यह विकास का सफर 2019-20 के लगभग 86 लाख टन से बढ़कर मौजूदा साल में लगभग 120 लाख टन तक पहुंचना बेहतर खेती के तरीकों, किसानों में ज्यादा जागरूकता और सरकार की मददगार नीतियों का सबूत है।
