बीसलपुर। ब्लॉक बिलसंडा क्षेत्र के गांव पिपरिया संजरपुर में लाखों रुपये की लागत से निर्मित पंचायत सचिवालय आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ घर के पास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस भवन का उपयोग न के बराबर हो रहा है। हालात यह हैं कि सचिवालय अधिकतर समय बंद रहता है और ग्रामीणों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत सहायक की अनुपस्थिति के चलते उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लगभग 14 किलोमीटर दूर ब्लॉक कार्यालय जाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की भारी बर्बादी हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि सचिवालय नियमित रूप से संचालित हो तो उन्हें काफी राहत मिल सकती है।
स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि गांव की महिलाएं सचिवालय के मुख्य गेट के सामने उपले पाथ रही हैं। इससे परिसर में गंदगी फैल गई है और लोग वहां जाने से भी कतराने लगे हैं। सरकारी भवन का इस प्रकार उपयोग होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान मंजू देवी और ग्राम विकास अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में कोई ठोस विकास कार्य नहीं कराया गया। कई योजनाएं अधूरी पड़ी हैं और गांव की मूलभूत सुविधाएं भी बदहाल हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत सचिवालय को नियमित रूप से खुलवाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गांववासियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
