मैनेजर के माध्यम से लगभग दो लाख रुपये में बुक किया था। आरोप है कि 1 लाख 70 हजार रुपये एडवांस दिया गया था।
सोनभद्र। नवरात्रि के दौरान हुए जागरण विवाद से जुड़ा पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है। भोजपुरी गायिका अंतरा सिंह उर्फ प्रियंका और इवेंट मैनेजर विकास कुमार के खिलाफ दर्ज मुकदमे में विशेष एससी/एसटी अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने जारी गैर जमानती वारंट और धारा 84 बीएनएसएस की नोटिस के पालन को लेकर पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।यह मामला परिवाद संख्या 352/2025, राज्य बनाम विकास कुमार व अन्य से संबंधित है, जो थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र का है। प्रकरण में आईपीसी की धारा 504, 506, 420, 406 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(va), 3(1)(द), 3(1)(ध) के तहत मुकदमा दर्ज है।पूरा विवाद 18 अप्रैल 2024 का बताया जाता है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बहुअरा गांव में नवरात्रि के अवसर पर देवी जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आयोजक राजेंद्र पुत्र रामनरेश ने कार्यक्रम में प्रस्तुति के लिए अंतरा सिंह को इवेंट मैनेजर के माध्यम से लगभग दो लाख रुपये में बुक किया था। आरोप है कि 1 लाख 70 हजार रुपये एडवांस दिए गए और कार्यक्रम की पूरी तैयारी कर ली गई, लेकिन तय तिथि पर प्रस्तुति नहीं हुई और कलाकार पक्ष बिना कार्यक्रम किए लौट गया।
आयोजकों का कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह का नुकसान हुआ। एडवांस राशि वापस मांगने पर कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया। इसके बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा और अदालत के निर्देश पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।सुनवाई के दौरान आरोपियों की अनुपस्थिति पर अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। इसके बावजूद गिरफ्तारी और पेशी न होने पर विशेष न्यायाधीश ने 24 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर वारंट और धारा 84 बीएनएसएस की नोटिस का विधिवत निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई की तिथि 14 मार्च 2026 तय की गई है।
मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। अदालत की सख्ती के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
