कोन / सोनभद्र - स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रोरवा में बुधवार को देर शाम ग्रामीणों के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार अबैध बोल्डर हरैइयाखाड़ी वर्षों पूर्व में बने जल अवरोधक के मरम्मत कार्य हेतु ले जाने के क्रम में ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई ,जिसमें एक लगभग पंद्रह वर्षीय युवती हृदया कुमारी और एक लगभग 55 वर्षीय महिला को गंभीर चोटें आई है जिससे तत्काल झोलाछाप डॉक्टर के यहाँ ले जाया गया जहाँ प्राथमिक उपचार कर दोनों को घर भेज दिया गया। जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। स्थानीय निवासी राघवेंद्र चंद ने बताया कि पीडब्लूडी का सड़क किनारे बोल्डर रखा गया था जिसे स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया था किन्तु प्रधान प्रतिनिधि द्वारा बोल्डर जबरन ले जाकर जल अवरोधक का निर्माण कराया जा रहा था। पीड़ित गरीब आदिवासी महिला कलावती देवी पत्नि स्व. फूलचंद उर्फ फोटन चेरो व हृदया कुमारी पुत्री विनय चेरो निवासी रोरवा ने आप बीती बताते हुए बताई कि हम लोग प्रधान प्रतिनिधि के कहने पर ट्रैक्टर ट्रॉली में सड़क किनारे पड़ी बोल्डर को लोड करके कार्य स्थल हरैइयाखाड़ी जल अवरोधक का निर्माण कार्य हेतु ले जाया जा रहा था जिसके क्रम में हादसा हो गया। ग्रामीणों द्वारा हादसे में दो महिलाओं को गंभीर चोटें आने की बातें कही जा रही है जिसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ग्रामीणों की मानें तो जाँच के डर से संबंधित द्वारा आनन फानन् में कार्य को पूरा किया जा रहा है ताकि जाँच में सच्चाई सामने न आ पाये। घटना की जानकारी मिलते ही कॉंग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मदन गुप्ता व अपना दल ( एस) के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अनिल सिंह सहित उदित नारायण गुप्ता, लोकनाथ चेरो, राघवेंद्रचंद्र आर्य ने परिजनों से संपर्क कर उनका हाल जाना और हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया और अपना दल (एस) के जिला उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधान / प्रतिनिधि जाँच के डर से गरीब मजदूरों की जान जोखिम में डालकर कार्य कराया जा रहा जो न्याय संगत नहीं है।
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