सोनभद्र। बार एसोसिएशन रामपुर के सदस्य अधिवक्ता फारुख अहमद की हुयी क्रूरतापूर्वक गोजीमारकर निमर्म हत्या की अधिवक्ता समुदाय घोर निन्दा करता है। अधिवक्ताओं के साथ आये दिन हो रही इस तरह की घटनायें घोर निन्दनीय है तथा ऐसी घटनाओं से अधिवक्तओं में काफी रोष व्याप्त है स्थानीय पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता से हम अधिवक्ता समाज काफी मर्माहत है।
जनपद सोनभद्र चार राज्यों से घिरने के साथ-साथ जंगलों-पहाड़ों से आच्छादित आदिवासी बाहुल्य जिला है। जनपद सोनभद्र में सदर तहसील के साथ कुल चार तहसीलें स्थापित हैं तथा एक अपर जिला न्यायाधीश न्यायालय अनपरा स्थित ओबरा में व लेबर कोर्ट पिपरी में स्थित है, जिले का मुख्यालय रावर्ट्सगंज होने की वजह से वादकारियों के हितार्थ मुख्यालय के अधिवक्तागण को मुख्यालय से तहसील ओबरा, बुद्धी व ए०डी० जे० कोर्ट स्थित ओबरा, लेबर कोर्ट पिपरी) तथा तहसील के अधिवक्ताओं का अपने वाहनों से मुख्यालय आना-जाना रहता है जिला मुख्यालय पर लगभग 1300 अधिवक्ता है तथा कुछ ओबरा, दुद्धी, रेनूकूट के अधिवक्ता जो नियमित मुख्यालय रावर्ट्सगंज में स्थित मुख्यालय पर न्यायिक कार्यवाही हेतु अपने वाहनों से आते हैं और जिला मुख्यालय से सटे दो किलोमीटर दूरी पर ए०सी०पी० द्वारा टोल प्लाजा विधि विरुद्ध तरीके से लगाया गया है, जो नगरपालिका सीमा अन्तर्गत सेन्चुरी एरिया में भी पड़ता है। उक्त टोल प्लाजा पर अधिवक्ताओं को बार-बार टोल देना पड़ता है। जिससे वादकारी हितार्थ आने-जाने वाले अधिवक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। जिसके बावत जिलाधिकारी के समक्ष एक ज्ञापन दिनांक 21.01.2026 को सोनभद्र बार एसोसिएशन द्वारा दिया गया था जिसके सम्बन्ध में आज तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हो सकी इस पत्र के माध्यम से पुनः अनुरोध किया जा रहा है कि उक्त ए०सी०पी० टोल प्लाजा लोढ़ी पर अधिवक्ताओं के लिए एक व्यवस्वा सुनिश्चित करते हुए टोल टैक्स से मुक्त किया जाय जिससे अधिवक्ता स्वतंत्र रूप से मुख्यालय से तहसील ओबरा, दुद्धी व ए०डी० जे० कोर्ट अनपरा स्थित ओबरा, लेबर कोर्ट अनपरा) तथा तहसील के अधिवक्तागण बिना किसी अतिरिक्त बोझ के मुख्यालय आकर न्यायिक कार्य करने में सुगमता महसूस कर सकें। उपरोक्त ज्ञापन सोनभद्र बार एसोसिएशन सोनभद्र अध्यक्ष अशोक प्रसाद श्रीवास्तव एड. की अध्यक्षता व महामंत्री योगेश कुमार द्विवेदी एड. के संचालन में अधिवक्तागण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कर दिया जिसमे परावेज अख्तर खान, नरेंद्र कुमार पाठक, प्रभाकर श्रीवास्तव,शेष नारायण दीक्षित, रमेश प्रसाद चौबे, राजीव सिंह गौतम, गोविन्द प्रसाद मिश्रा, कमलेश पाण्डेय, ओम कुमार चतुर्वेदी, आशुतोष दूबे, संतोष सिंह पटेल, विमलेश पाण्डेय,शारदा प्रसाद मौर्य, अरुण कुमार सिंघल, प्रभात कुमार मिश्र, मनोज मिश्रा, सुधेन्दु भूषण शुक्ला, शक्ति सेन, आशीष पाल, आशीष शुक्ला, अनिल मौर्या, अविनाश, गीता गौर, पुष्पा तिग्गा, आदि उपस्थित रहें।
