सोनभद्र। जनपद में संचार व्यवस्था को पंगु करने की एक खतरनाक साजिश सामने आई है। मामला Reliance Jio के नेटवर्क से जुड़ा है, जहां सोनभद्र और मिर्जापुर जिले में स्थापित करीब 150 टॉवरों की कनेक्टिविटी को एक झटके में ध्वस्त करने की कोशिश की गई। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के पुसौली स्थित कंट्रोल रूम (टेलीकॉम शेल्टर) में देर रात पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के मुताबिक रविवार रात करीब तीन बजे एक नकाबपोश युवक कंट्रोल रूम में दाखिल हुआ। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि वह ज्वलनशील पदार्थ छिड़कता है और फिर आग लगाकर फरार हो जाता है। आग सीधे कंट्रोल पैनल और नेटवर्क उपकरणों तक पहुंची, जिससे कई महंगे उपकरण जलकर क्षतिग्रस्त हो गए। यह कंट्रोल रूम केवल एक टॉवर का नहीं, बल्कि रॉबर्ट्सगंज, चतरा, नगवां, घोरावल, करमा और चोपन ब्लॉक के साथ-साथ मिर्जापुर के मड़िहान तहसील क्षेत्र के राजगढ़ और दादर इलाके तक फैले कुल 150 टॉवरों की संचार व्यवस्था को नियंत्रित करता है। आग की वजह से सोनभद्र के पांच ब्लॉकों और मिर्जापुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में नेटवर्क सेवा प्रभावित हो गई। जैसे ही यह संदिग्ध गतिविधि सीसीटीवी के जरिए मुंबई स्थित जियो के मुख्य कंट्रोल रूम तक पहुंची, कंपनी में हड़कंप मच गया। तत्काल स्थानीय इंजीनियरों और तकनीकी टीम को अलर्ट किया गया। मौके पर पहुंचे कर्मियों ने देखा कि कंट्रोल पैनल वाले हिस्से में लपटें उठ रही हैं। तत्परता दिखाते हुए अग्निशमन उपकरणों से आग पर काबू पाया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। मामले में कंपनी के एक कर्मी पर शक की सुई घूम रही है। सूत्रों की मानें तो अंदरूनी जानकारी के बिना इस तरह कंट्रोल रूम तक पहुंच पाना आसान नहीं है। हालांकि अभी तक किसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कंपनी के तकनीशियन की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस जांच में जुटी है। सोमवार को सीओ सिटी रणधीर मिश्रा ने घटनास्थल का मुआयना किया और मातहतों को जल्द से जल्द खुलासे के निर्देश दिए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और संदिग्ध कर्मियों की गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है। सवाल बड़ा है क्या यह केवल आगजनी की वारदात है या फिर सुनियोजित तरीके से पूरे इलाके की डिजिटल लाइफलाइन पर हमला? क्योंकि आज के दौर में नेटवर्क सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन की रीढ़ है। फिलहाल पुलिस और कंपनी दोनों सतर्क हैं। लेकिन यह घटना साफ संकेत देती है कि अगर सुरक्षा में जरा भी चूक हुई, तो इसका असर सीधे आम जनता पर पड़ेगा। अब देखना यह है कि पुलिस इस नेटवर्क साजिश का पर्दाफाश कब तक कर पाती है और असली मास्टरमाइंड तक कब पहुंचती है।
सूत्रों के मुताबिक रविवार रात करीब तीन बजे एक नकाबपोश युवक कंट्रोल रूम में दाखिल हुआ। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि वह ज्वलनशील पदार्थ छिड़कता है और फिर आग लगाकर फरार हो जाता है। आग सीधे कंट्रोल पैनल और नेटवर्क उपकरणों तक पहुंची, जिससे कई महंगे उपकरण जलकर क्षतिग्रस्त हो गए। यह कंट्रोल रूम केवल एक टॉवर का नहीं, बल्कि रॉबर्ट्सगंज, चतरा, नगवां, घोरावल, करमा और चोपन ब्लॉक के साथ-साथ मिर्जापुर के मड़िहान तहसील क्षेत्र के राजगढ़ और दादर इलाके तक फैले कुल 150 टॉवरों की संचार व्यवस्था को नियंत्रित करता है। आग की वजह से सोनभद्र के पांच ब्लॉकों और मिर्जापुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में नेटवर्क सेवा प्रभावित हो गई। जैसे ही यह संदिग्ध गतिविधि सीसीटीवी के जरिए मुंबई स्थित जियो के मुख्य कंट्रोल रूम तक पहुंची, कंपनी में हड़कंप मच गया। तत्काल स्थानीय इंजीनियरों और तकनीकी टीम को अलर्ट किया गया। मौके पर पहुंचे कर्मियों ने देखा कि कंट्रोल पैनल वाले हिस्से में लपटें उठ रही हैं। तत्परता दिखाते हुए अग्निशमन उपकरणों से आग पर काबू पाया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। मामले में कंपनी के एक कर्मी पर शक की सुई घूम रही है। सूत्रों की मानें तो अंदरूनी जानकारी के बिना इस तरह कंट्रोल रूम तक पहुंच पाना आसान नहीं है। हालांकि अभी तक किसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कंपनी के तकनीशियन की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस जांच में जुटी है। सोमवार को सीओ सिटी रणधीर मिश्रा ने घटनास्थल का मुआयना किया और मातहतों को जल्द से जल्द खुलासे के निर्देश दिए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और संदिग्ध कर्मियों की गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है। सवाल बड़ा है क्या यह केवल आगजनी की वारदात है या फिर सुनियोजित तरीके से पूरे इलाके की डिजिटल लाइफलाइन पर हमला? क्योंकि आज के दौर में नेटवर्क सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन की रीढ़ है। फिलहाल पुलिस और कंपनी दोनों सतर्क हैं। लेकिन यह घटना साफ संकेत देती है कि अगर सुरक्षा में जरा भी चूक हुई, तो इसका असर सीधे आम जनता पर पड़ेगा। अब देखना यह है कि पुलिस इस नेटवर्क साजिश का पर्दाफाश कब तक कर पाती है और असली मास्टरमाइंड तक कब पहुंचती है।
