जनरल नरवणे की किताब पर बवाल! दिल्ली पुलिस ने FIR में जोड़ी आपराधिक साजिश की धारा
February 11, 2026
पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (रिटायर्ड) की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के कथित लीक मामला तूल पकड़ता जा रहा है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दर्ज FIR में अब आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं भी जोड़ दी हैं. वहीं, स्पेशल सेल ने पेंगुइन इंडिया को नोटिस जारी कर कुछ सवालों के जवाब मांगे हैं.
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए FIR में आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं जोड़ दी हैं. यह कदम जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब के कथित लीक को लेकर उठाया गया है.
स्पेशल सेल ने पेंगुइन इंडिया को नोटिस जारी कर किताब से जुड़े विवाद पर जवाब मांगा है. पुलिस यह जानना चाहती है कि किताब की स्थिति क्या है और क्या इसके कोई अंश बिना अनुमति के बाहर आए हैं.
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में जनरल नरवणे की 'प्री-प्रिंट' किताब का हवाला देते हुए कुछ बातें रखने की कोशिश की. इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई. बाद में स्पीकर ने कहा कि सदन में अप्रकाशित सामग्री का जिक्र नहीं किया जाना चाहिए.
मंगलवार को संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जनरल नरवणे ने साल 2023 में एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर अपनी किताब उपलब्ध होने की बात कही थी. उन्होंने कहा, 'जनरल नरवणे ने ट्वीट किया था- ‘मेरी किताब अब उपलब्ध है, लिंक फॉलो करें.’ या तो वह गलत कह रहे हैं, जो मैं नहीं मानता, या फिर पेंगुइन गलत कह रहा है. दोनों एक साथ सही नहीं हो सकते. पेंगुइन कह रहा है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई, लेकिन वह अमेजन पर दिख रही है.' राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें जनरल नरवणे की बात पर ज्यादा भरोसा है.
विवाद बढ़ने के बाद पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने एक्स पर पोस्ट कर साफ किया कि उनकी किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है. उन्होंने लिखा, 'किताब की यही स्थिति है,' और यह संकेत दिया कि किताब अभी बाजार में उपलब्ध नहीं है.
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने भी अपने ताजा बयान में कहा कि किताब की घोषणा की गई थी और प्री-ऑर्डर के लिए लिस्ट की गई थी, लेकिन इसे अभी प्रकाशित, वितरित या बिक्री के लिए जारी नहीं किया गया है. प्रकाशक ने कहा, 'किसी किताब को तभी प्रकाशित माना जाता है जब वह खुदरा बाजार में खरीद के लिए उपलब्ध हो. प्री-ऑर्डर एक सामान्य प्रक्रिया है. किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है.' पेंगुइन ने यह भी कहा कि अगर किताब की कोई कॉपी बाहर घूम रही है तो वह बिना अनुमति के है और यह कॉपीराइट का उल्लंघन होगा.
इस पूरे मामले पर बीजेपी ने राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी संसद के नियमों को नजरअंदाज करते हैं. उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी देश के लिए शर्मिंदगी बन गए हैं. उन्होंने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाते समय भी साल गलत लिखा. पेंगुइन को साफ करना पड़ा कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है. राहुल गांधी खुद को संसद के नियमों से ऊपर समझते हैं.'
