Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

सुलतानपुरः बल्दीराय में सामूहिक विवाह या मजाक ? आधे घंटे में निपटी रस्में, भूखे पेट लौटे मेहमान


सुलतानपुर। तहसील बल्दीराय सुल्तानपुर’ सरकार की महत्वाकांक्षी श्मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनाश् के तहत बल्दीराय ब्लॉक में आयोजित भव्य कार्यक्रम बदइंतजामी की भेंट चढ़ गया। सरकारी दावों की पोल तब खुली जब हजारों की संख्या में पहुंचे वर-वधू पक्ष के लोग भोजन के लिए दर-दर भटकते नजर आए। कुप्रबंधन का आलम यह था कि शादी के पवित्र माहौल में लोग खाने की छीना-झपटी करते दिखे और अंततः सैकड़ों लोगों को भूखे पेट ही वापस लौटना पड़ा।

कहने को तो प्रशासन ने सामूहिक विवाह के लिए व्यापक इंतजाम किए थे, लेकिन धरातल पर सब कुछ फेल नजर आया। जैसे ही भोजन का समय हुआ, कैटरिंग व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। योजना के तहत आए हुए गरीब परिवारों के मेहमानों को घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ा, फिर भी उन्हें खाने की एक थाली नसीब नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि बजट होने के बावजूद भोजन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में भारी लापरवाही बरती गई।

कार्यक्रम में दूर-दराज के गांवों से आए बुजुर्गों और छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा कठिनाई का सामना करना पड़ा। सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद भोजन काउंटरों पर मची अफरा-तफरी को नियंत्रित करने वाला कोई नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही समय में मुख्य व्यंजन और पूड़िया खत्म हो गईं, जिसके बाद पंडाल में नाराजगी और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई।

ब्लॉक प्रशासन ने भीड़ का सही आकलन नहीं किया, जिसका नतीजा यह हुआ कि कैटरिंग स्टाफ ने हाथ खड़े कर दिए। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ष्सरकार गरीबों की शादी कराकर पुण्य का काम कर रही है, लेकिन बीच के जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार अपनी जेब भरने के चक्कर में मेहमानों को भूखा रख रहे हैं।ष्

इस बड़ी लापरवाही के बाद अब क्षेत्र में चर्चा है कि क्या कैटरिंग के नाम पर आए बजट का बंदरबांट किया गया है?  

यह घटना मुख्यमंत्री की इस कल्याणकारी योजना की छवि पर एक गहरा दाग है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार ब्लॉक अधिकारियों और ठेकेदार पर क्या कार्रवाई करता है।

बल्दीराय विकासखंड मुख्यालय पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम अव्यवस्था और आरोपों के बीच संपन्न तो हो गया किन्तु बताया जा रहा है कि मात्र 30 मिनट में सामूहिक विवाह की पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जिससे कार्यक्रम की पारदर्शिता और व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।

सूत्रों के अनुसार, कई चयनित जोड़ों को बिना विवाह कराए ही वापस कर दिया गया। क्षेत्र के बहुरावा पूरे पृथ्वी गांव निवासी निर्मला के परिजनों ने आरोप लगाया कि विवाह के लिए पूर्व में पंजीकरण कराने के बावजूद उनकी बेटी का विवाह नहीं कराया गया।

परिजनों का कहना है कि निर्मला की मां दोनों आंखों से विकलांग हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने विवाह की तिथि आगे बढ़ाकर 9 मार्च बताई। इसी तरह लगभग दर्जनों जोड़े दूल्हा दुल्हन अपनी तारीख लिए वापस हो गए। कार्यक्रम में पहुंचे परिजनों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था न होने की शिकायतें सामने आई हैं। वहीं, मीडिया कर्मियों द्वारा चयनित जोड़ो की सूची मांगने पर जिम्मेदारों ने सूची देने से इनकार कर दिया। अधिकारियों के इस रवैये से योजना में पारदर्शिता को लेकर संदेह और गहरा गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी सामूहिक विवाह योजना को लेकर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। ताजा घटनाक्रम के बाद एक बार फिर घोटाले की आशंका जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्र के कुछ ही मीडिया कर्मियों को सूचना देने के बावजूद अन्य किसी मीडिया कर्मियों को सूचना तक नहीं दी जाती, जिससे मीडिया कर्मी खबर संकलन से वंचित रह जाते हैं। कई बार मीडिया कर्मियों ने ब्लॉक के शीर्ष अधिकारियों से भी इस बावत शिकायत की थी। खंड विकास अधिकारी बल्दीराय ने बताया कि विवाह मंडप में कुल 107 जोड़ों का विवाह हुआ है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |