प्रतापगढः प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना पर कार्यशाला, युवाओं व उद्योगों को मिलेगा सीधा लाभ
February 24, 2026
प्रतापगढ़। विकास भवन में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी दिव्या मिश्रा ने की। कार्यशाला में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रयागराज के राहुल वर्मा ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा रोजगार सृजन, विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन तथा कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा 1 अगस्त 2025 को की गई है, जो 31 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेगी। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को 6 माह की निरंतर सेवा पूर्ण करने पर रूपये 15 हजार की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा विकसित वित्तीय साक्षरता पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद दूसरी किस्त जारी की जाएगी। योजना के तहत अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले प्रतिष्ठानों को 2 वर्ष तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जबकि विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिष्ठानों को 4 वर्ष तक लाभ मिलेगा। इस योजना का लाभ नए एवं पुनर्नियोजित दोनों प्रकार के श्रमिकों को प्राप्त होगा। मुख्य विकास अधिकारी ने इसे युवाओं और उद्योगों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए सभी विभागों को व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य निधि संगठन एवं श्रम विभाग को जिला व तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इस सेमिनार में उप श्रम आयुक्त संतोष सिंह, सहायक श्रम आयुक्त सुविज्ञ सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 संदीप सक्सेना, श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेन्द्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेन्द्र सिंह, जिला सेवायोजन अधिकारी अनुभव त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेन्द्र कुमार मौर्य, सहायक आयुक्त उद्योग जगत नारायण सिंह यादव सहित समस्त श्रम प्रवर्तन अधिकारी, कर्मचारी भविष्ठ निधि संगठन प्रयागराज के अधिकारीध्कर्मचारी उपस्थित रहे।
