बीसलपुर। ब्लॉक बरखेड़ा क्षेत्र के गांव आमडंडा स्थित प्राथमिक विद्यालय में संचालित प्रधानमंत्री मिड डे मील योजना (एमडीएम) की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि विद्यालय में बच्चों को निर्धारित मीनू के अनुसार पौष्टिक आहार नहीं दिया जा रहा, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा बच्चों को बेहतर शिक्षा और पोषण देने के लिए मुफ्त ड्रेस, किताबें और पौष्टिक दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं आमडंडा विद्यालय में योजना की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। बच्चों को नियमित रूप से खिचड़ी, बेस्वाद सब्जी और पतली दाल परोसी जा रही है, जो निर्धारित मीनू के अनुरूप नहीं है।
अभिभावकों का आरोप है कि भोजन न तो समय से मिलता है और न ही गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है। इससे विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि अध्यापक और ग्राम प्रधान सरकार की योजना को गंभीरता से नहीं ले रहे। उनका कहना है कि यदि शीघ्र ही सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे उपजिलाधिकारी नागेंद्र पांडे को लिखित शिकायत देकर उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय में मिड डे मील योजना की पारदर्शी निगरानी कराई जाए, ताकि बच्चों को निर्धारित मीनू के अनुसार पौष्टिक भोजन मिल सके और योजना का उद्देश्य सफल हो सके।
