प्रतापगढ़। जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और सुविधायुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अनुश्रवण समितिध्टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक कैम्प कार्यालय के सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने की। बैठक में शिक्षा विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अविद्युतीकृत विद्यालयों में विद्युत संयोजन के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विद्यालयों के विद्युतीकरण व विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन लाइन के शिफ्ंिटग के लिए लगभग एक वर्ष पूर्व ही विद्युत विभाग को निर्धारित धनराशि का भुगतान कर दिया गया था, इसके बावजूद अनेक विद्यालयों में अभी तक बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है तथा हाईटेंशन लाइन के शिफ्टिंग का कार्य भी नहीं किया गया है, इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारी को फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि एक माह के भीतर सभी लंबित विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन व हाईटेंशन लाइन के शिफ्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त बैठक में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के जर्जर विद्यालय भवनों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे भवनों का तत्काल निरीक्षण कर चिन्हांकन किया जाए और जो भवन अत्यधिक क्षतिग्रस्त या असुरक्षित हैं, उनका नियमानुसार ध्वस्तीकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार का जोखिम स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विद्यालयों में कायाकल्प योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शौचालय, पेयजल, स्वच्छता, फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन विद्यालयों में इन सुविधाओं का अभाव है, वहां प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं ताकि बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षिक वातावरण मिल सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों का निरीक्षण गुणवत्ता के आधार पर करें जिससे उसमें सुधार परिलक्षित हो। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने और समयबद्ध ढंग से योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेन्द्र सिंह सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
